पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर अभियान चलाया था, जिसके तहत भारत ने आतंकी ठिकानों को तबाह किया था. इस बीच, भारत ने पाकिस्तान का साथ देने वाले देश तुर्की को भी सबक सिखाया था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने तुर्की की एयरपोर्ट सर्विस प्रोवाइड कराने वाली कंपनी सेलेबी की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी थी, जिससे तुर्की की इस कंपनी को भारी नुकसान हुआ.
अब ठीक एक साल बाद इस कंपनी के चेयरमैन कैनन सेलेबियोग्लू ने बताया है कि यह घटना उनकी कंपनी के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटना रही. भारत के एक फैसले से उनका हजारों करोड़ का कारोबार स्वाहा हो गया. ब्लूमबर्ग से बात करते हुए सेलेबियोग्लू ने कहा कि भारत के इस फैसले से रातोंरात लगभग 500 मिलियन डॉलर (करीब 4,726 करोड़ रुपये) के कारोबार का नुकसान हुआ.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद तनाव के बीच मई 2025 में अधिकारियों द्वारा सुरक्षा मंजूरी वापस लेने के बाद कंपनी ने भारत में 17 सालों तक बनाई अपनी पहुंच झटके में खत्म कर दी. Celebi अपनी दो भारतीय सब्सिडियरी कंपनियों के माध्यम से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत 9 प्रमुख भारतीय एयरपोर्ट्स पर ग्राउंड हैंडलिंग औज्ञर कार्गो सर्विस संचालित करती थी. कंपनी के बाहर निकलन से पहले यह भारत भर में सालाना लगभग 58,000 उड़ानों का संचालन करती थी.
दूसरी कंपनी में ट्रांसफर किए कर्मचारी
इंटरव्यू में तुर्की के अरबपति ने कहा कि इस घटना के बाद हमारे सभी मशीनरी वही रह गई. एक ही दिन में हमारे 10 हजार कर्मचारियों को दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कर दिया गया. हमने जो 400 मिलियन डॉलर या 500 मिलियन डॉलर का कारोबार जनरेट किया था, वह एक ही झटके में शून्य हो गया.
पाकिस्तान के साथ भारत का तनाव बढ़ने और भारत के खिलाफ तुर्की के बयान का खामियाजा सेलेबी को भुगतना पड़ा. नतीजन दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित प्रमुख भारतीय हवाई अड्डों पर परिचालन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा.
सुरक्षा मंजूरी हुई रद्द
भारत के नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) ने 15 मई, 2025 को सेलेबी की भारतीय सहायक कंपनियों की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी, यह घटना भारत और पाकिस्तान द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के बाद जंग समाप्त करने के कुछ दिनों बाद हुई. यह कदम नई दिल्ली और अंकारा के बीच संबंधों में आई तेज गिरावट के बीच आया है, क्योंकि ऐसी खबरें हैं कि पाकिस्तान ने भारत को निशाना बनाते समय तुर्की निर्मित ड्रोन का इस्तेमाल किया था.
हालांकि सेलेबी ने तुर्की सरकार से किसी भी प्रकार का संबंध न होने का दावा किया, लेकिन भारतीय अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए उसकी मंजूरी रद्द कर दी. इसके बाद हवाई अड्डे के संचालकों ने कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट समाप्त कर दिए और संचालन का जिम्मा किसी अन्य को सौंप दिया.
आजतक बिजनेस डेस्क