टैक्‍स कट के बाद ब्‍याज कट का तोहफा... RBI ने की 5 साल बाद रेपो रेट में 0.25% की कटौती, घटेगी आपकी EMI

भारतीय रिजर्व बैंक ने मिडिल क्‍लास को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में कटौती कर दी है. रेपो रेट में यह कटौती 25 बेसिस पॉइंट की की गई है, जिस कारण अब मौजूदा रेपो रेट 6.25 फीसदी हो गया है. रेपो रेट में यह कटौती 5 साल बाद की गई है.

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भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट

aajtak.in

  • नई दिल्‍ली,
  • 07 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 11:16 AM IST

टैक्‍स में कटौती के बाद म‍िडिल क्‍लास को एक और बड़ा तोहफा मिला है. भारतीय रिजर्व बैंक ने मिडिल क्‍लास को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में कटौती (RBI Repo Rate Cut) कर दी है. रेपो रेट में यह कटौती 25 बेसिस पॉइंट की हुई है, जिस कारण अब मौजूदा रेपो रेट 6.25 फीसदी हो गया है. रेपो रेट में यह कटौती 5 साल बाद की गई है. इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मई 2020 में रेपो रेट घटाया था. हालांकि उसके बाद धीरे-धीरे बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया था. आखिरी बार रेपो रेट में बढ़ोतरी फरवरी 2023 में की गई थी.

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गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने कहा कि बैठक में इकोनॉमी डेवलपमेंट को लेकर चर्चा की गई. गवर्नर ने आगे कहा कि हमने बैठक में फैसला किया है कि रेपो रेट को घटाया जा रहा है. अब रेपो रेट 6.50 से घटाकर 6.25 किया जा रहा है. रेपो रेट में कटौती के बाद अब आपके लोन की ईएमआई कम हो जाएगी.

गवर्नर ने कहा कि ग्‍लोबल इकोनॉमी चुनौतियों से गुजर रही है. साथ ही वैश्विक स्‍तर पर महंगाई भी बढ़ रही है. वहीं फेडरल रिजर्व बैंक ने रेट में कई बार कटौती की है. साथ जियो पॉलिटिकल टेंशन भी बढ़ रहा है. जिस कारण दुनिया भर की इकोनॉमी पर असर पड़ रहा है. भारतीय रुपया अभी प्रेशर में है. रिजर्व बैंक के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं. 

भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 

भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए देश की विकास दर 6.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है. वित्त वर्ष 2026 के लिए रियल GDP ग्रोथ 6.75%, अप्रैल-जून 2025 तिमाही 6.7%, जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में 7% रहने का अनुमान है. वहीं अक्टूबर-दिसंबर 2025 और जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में इसके 6.5-6.5% रहने का अनुमान है. 

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महंगाई को और कम करने का लक्ष्‍य 

गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने कहा कि इस वित्त वर्ष 4.8 फीसदी महंगाई रहने का अनुमान है. वहीं आगे महंगाई दर और कम हो जाएगी. दिसंबर में रिटेल महंगाई दर और थोक महंगाई दर, दोनों में बदलाव हुआ. रिटेल महंगाई दर 4 महीने के निचले स्तर 5.22% पर है. वहीं थोक महंगाई दर बढ़कर 2.37% पर पहुंच गई है. नवंबर में यह 1.89% थी. गवर्नर ने कह कि रिजर्व बैंक ने कहा कि सेकेंड्री मार्केट में गवर्नमेंट सिक्‍योरिटीज में ट्रेडिंग करने के लिए निवेशक सेबी द्वारा रजिस्‍टर्ड आरबीआई के प्‍लेटफॉर्म का उपयोग कर स‍कते हैं. 

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