फिर बढ़ने वाली है EMI, आज से RBI की बैठक, रेपो रेट में इतना इजाफा संभव

खुदरा महंगाई दर लगातार 7 फीसदी से अधिक बनी हुई है. अगर केंद्रीय बैंक रेपो रेट में इजाफा करता है, तो बैंक लोन पर लगने वाले ब्याज दर में बढ़ोतरी कर सकते हैं. रिजर्व बैंक ने मई में 0.40 फीसदी और जून में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की थी.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 10:31 AM IST
  • रेपो रेट बढ़ने से महंगा होगा लोन
  • महंगाई दर तय लक्ष्य ले ऊपर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक आज से शुरू होने वाली है. इस बैठक में केंद्रीय बैंक नीतिगत फैसले करेगा, जिसका ऐलान 5 अगस्त को RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) करेंगे. कहा जा रहा है कि 3 से 5 अगस्त के बीच होने वाली इस बैठक में RBI रेपो रेट (Repo Rate) में इजाफा कर सकता है. इससे पहले हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक में भी RBI ने रेपो रेट में बढ़ोतरी की थी. हर दो महीने पर होने वाली मौद्रिक नीति समिति की बैठक की शुरुआत आज से हो रही है. 

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कितना बढ़ सकता है रेपो रेट

एक्सपर्ट्स की मानें तो रिजर्व बैंक रेट में 0.25 से 0.35 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है. महंगाई दर लगातार कई महीनों से केंद्रीय बैंक के तय लक्ष्य से ऊपर है. इसपर काबू पाने के लिए मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट में इजाफा करने का फैसला किया जा सकता है.

पिछली बार इतनी हुई थी बढ़ोतरी

खुदरा महंगाई दर लगातार 7 फीसदी से अधिक बनी हुई है. अगर केंद्रीय बैंक रेपो रेट में इजाफा करता है, तो बैंक लोन पर लगने वाले ब्याज दर में बढ़ोतरी कर सकते हैं. रिजर्व बैंक ने मई में 0.40 फीसदी और जून में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की थी. लगातार बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट 4.90 फीसदी हो गया है. 

महंगाई दर

जून के महीने में मुद्रास्फीति 7.01 प्रतिशत रही थी. ये लगातार छठा मौका था, जब महंगाई दर रिजर्व बैंक (RBI) के तय लक्ष्य सीमा से ऊपर रही थी. जुलाई महीने के आंकड़े अभी आने बाकी हैं. मई के महीने में खुदरा महंगाई दर 7.04 फीसदी रही थी. अप्रैल के महीने में खुदरा मंहगाई दर 7.79 फीसदी दर्ज की गई थी. खाद्य महंगाई दर (Food Inflation) जून में 7.75 फीसदी रही थी, जो मई महीने में 7.97 फीसदी दर्ज की गई थी. 

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रिजर्व बैंक के अनुमान से अधिक

रिजर्व बैंक ने 2022-23 में महंगाई दर के अपने अनुमान को 5.7 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है. सरकार ने आरबीआई को खुदरा मुद्रास्फीति को 4 प्रतिशत पर को 4 प्रतिशत पर 2 प्रतिशत के मार्जिन के साथ रखने के लिए अनिवार्य किया है. आरबीआई ने खुदरा महंगाई का लक्ष्य 6 फीसदी रखा था.  

 

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