OPEC+ देशों ने उठाया ये कदम, और बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम 

ऑर्गनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टर्स कंट्रीज और उनके सहयोगी उत्पादक देशों (OPEC+) ने कहा कि वे उत्पादन में कटौती को अप्रैल में भी जारी रखेंगे. भारत सरकार ने उत्पादन में कटौती न करने का अनुरोध किया था. बावजूद इसके ये फैसला हुआ है.

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तेल के दाम बढ़ने की आशंका (फाइल फोटो) तेल के दाम बढ़ने की आशंका (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 05 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 9:22 AM IST
  • ओपेक प्लस देशों ने चौंकाया
  • नहीं माना भारत का अनुरोध
  • उत्पादन में कटौती जारी रहेगी

दुनिया में कच्चे तेल के उत्पादक प्रमुख देशों के संगठन ने OPEC+ ने उत्पादन में की जा रही कटौती को अप्रैल महीने में भी जारी रखने का निर्णय लिया है. इससे अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है. भारत में अगर सरकार ने टैक्सेज में कटौती नहीं की तो इससे अगले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और इजाफा हो सकता है. 

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इससे ब्रेंट क्रूड गुरुवार को 5 फीसदी की मजबूती के साथ 67.55 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड 64.50 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया. ऑर्गनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टर्स कंट्रीज और उनके सहयोगी उत्पादक देशों यानी OPEC+ देशों ने गुरुवार को कहा कि वे उत्पादन में कटौती को अप्रैल में भी जारी रखेंगे. सिर्फ दो देशों रूस और कजाकिस्तान को ही मामूली उत्पादन बढ़त की मंजूरी दी गई है. 

भारत के अनुरोध को अनसुना किया 

ओपेक प्लस देशों ने यह कदम इसके बावजूद उठाया है क‍ि भारत सरकार उनसे बार-बार उत्पादन में कटौती न करने का अनुरोध करती रही है. गुरुवार को पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि देश में ईंधन की मांग तेजी से कोविड- पूर्व के स्तर पर लौट रही है. ऐसे में भारत तेल के दाम को जिम्मेदारी और तार्किक स्तर पर चाहता है. 

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उन्होंने कहा कि पिछले साल उत्पादक देशों खासतौर से ओपेक देशों ने वैश्विक बाजार को आश्वस्त किया था कि 2021 की शुरुआत में मांग बढ़ने के साथ उत्पादन को भी उसकी के अनुरूप कर दिया जाएगा, लेकिन, खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि उत्पादन अभी तक सामान्य नही हो पाया है. प्रधान ने कहा, ‘आप यदि आपूर्ति उचित स्तर पर नहीं रखेंगे, मांग और आपूर्ति में यदि कृत्रिम अंतर बना रहेगा तो दाम बढ़ेगे.’ 

रिकॉर्ड स्तर पर दाम 

गौरतलब है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. कई शहरों में तो पेट्रोल 100 रुपये लीटर के पार हो गया है. ऐसे में सरकार पर इस बात के लिए दबाव बढ़ रहा है कि पेट्रोल-डीजल पर टैक्सेज में कटौती की जाए. लेकिन सरकार इस भरोसे बैठी थी कि ओपेक देश तेल के उत्पादन में कटौती को रोकेंगे.

ओपेक प्लस देशों ने साफतौर से भारत के अनुरोध पर कोई ध्यान नहीं दिया है. इससे कच्चे तेल की कीमतें आने वाले दिनों में और बढ़ेंगी और अगले दिनों में तेल कंपनियां भारत में भी पेट्रोल-डीजल के दाम में और बढ़त करने को मजबूर होंगी. शुक्रवार को दिल्ली में पेट्रोल 91.17 रुपये और डीजल 81.47 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है.  

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