जंग के बीच, होर्मुज से निकला भारत का ये जहाज, देखते रह गए US-ईरान!

भारत का एलपीजी का इकलौता टैंकर नंदा देवी, अमेरिका-ईरान जंग के बीच भी तेजी से होर्मुज को पार करते हुए निकला है और कतर के पोर्ट पर लोडिंग के लिए पहुंचा है.

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स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरा नंदा देवी एलपीजी टैंकर. (Photo: File/ITG) स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरा नंदा देवी एलपीजी टैंकर. (Photo: File/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 09 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:33 PM IST

जहां एक तरह, ईरान-अमेरिका में फिर से जंग शुरू हो चुकी है और होर्मुज पर सख्‍ती बढ़ चुकी है. इस रास्‍ते से जहाजों का न‍िकलना मुश्किल है. इस बीच, भारत का जहाज तेजी से स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरा है. भारतीय ध्वज वाला जहाज नंदा देवी होर्मुज जलडमरूमध्य में आने वाला एकमात्र एलपीजी वाहक है और लोडिंग के लिए कतर के रास लाफान की ओर जा रहा है. 

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एसएंडपी ग्लोबल मिंट और एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटीज एट सी के अनुसार, 7 जुलाई को होर्मुज जलडमरूमध्य से कुल पारगमन 47 पर स्थिर रहा, जबकि बिना पार किए जाने वाले जहाजों की संख्या में तेजी देखने को मिली. 7 जुलाई को रात के समय होने वाली यात्राओं में तेज बढ़ोतरी देखी गई.  ओमान तट के किनारे वाले मार्ग से केवल एक ही पोत स्पष्ट रूप से गुजरता हुआ दिखाई दिया. कुल मिलाकर दिन के दौरान होने वाली यात्राओं में से 36 फीसदी रात के समय में यात्राएं हुईं. 

कौन-कौन सी चीजें लेकर गुजर रही जहाजें
7 जुलाई को यातायात में 10 बल्‍क कैरियर, 7 VLCC, 6 उत्‍पाद टैंकर, पांच एलपीजी टैंकर, पांच कंटेनर जहाज और पांच मालवाहक जहाज शामिल थे. बाकी जहाजों में अलग-अलग तरह के जहाज थे. कुल आवागमन में से केवल एक चौथाई आवागमन ही आने वाले जहाजों का था, जो 12 जून के बाद से सबसे कम दैनिक अनुपात है. इसका मतलब है कि फिर से जंग शुरू होने से होर्मुज से गुजरने के लिए ज्‍यादातर जहाजें कतरा रही हैं. 

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हालांकि यह इस बात का भी संकेत हो सकता है कि आने वाले जहाजों की एक बड़ी संख्या ने अंधेरे में जलडमरूमध्य को पार किया. समय अंतराल के कारण अंधेरे में किए गए आवागमन की पहचान और निगरानी आमतौर पर बाद में ही की जाती है. ऊर्जा से संबंधित जहाजों का कुल आवागमन में मात्र 38% हिस्सा था, जो 28 जून के बाद से सबसे कम अनुपात है.

अमेरिका ने अचानक क्‍यों किया था अटैक? 
कमर्शियल जहाजों पर अतिरिक्त हमलों के बावजूद यातायात की संख्या में कोई बदलाव नहीं आया है. अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा है कि 7 जुलाई को दो जहाजों को निशाना बनाया गया था. इन हमलों के कारण, अमेरिका ने ईरान की संपत्तियों पर, मुख्य रूप से होर्मोज़गान प्रांत में, हमले किए और ईरान ने 8 जुलाई को बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए. अमेरिकी वित्त विभाग ने जून में जारी किया गया वह लाइसेंस भी रद्द कर दिया, जिसके तहत ईरान को वैश्विक बाजार में तेल बेचने की अनुमति थी. 

होर्मुज से निकल रहा भारत का ये जहाज 
एलपीजी ले जाने वाला एकमात्र जहाज भारतीय ध्वज वाला नंदा देवी था. गौरतलब है कि मार्च में संघर्ष शुरू होने के समय यह जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में फंसे जहाजों में से एक था, लेकिन मिड मार्च में सफलतापूर्वक क्षेत्र से बाहर निकल गया था. 7 जुलाई को इसकी वापसी युद्ध शुरू होने के बाद से मिडिल ईस्‍ट खाड़ी में इसका केवल दूसरा प्रवेश है, जो इसके व्यापारिक तौर-तरीकों में निरंतर सावधानी का संकेत देता है. अभी रास लाफान को इसका अगला माल ढुलाई बंदरगाह बताया गया है. 

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