Oil Price Surge: US-ईरान में फिर घमासान, होर्मुज पर टेंशन हाई, अचानक तेल की कीमतों में लगी आग

Crude Oil Price Surge: कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर से उछाल देखने को मिल रहा है. होर्मुज को लेकर फिर से तनाव और US-Iran जंग बढ़ने का सीधा असर तेल की कीमतों पर देखने को मिला है.

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अमेरिका-ईरान में फिर तनाव से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं. (Photo: ITG) अमेरिका-ईरान में फिर तनाव से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 20 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:29 AM IST

अमेरिका-ईरान एक बार फिर से आमने-सामने आ गए हैं. दोनों के बीच होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता अपनी शुरुआत से पहले ही विफल नजर आ रही है. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है और अमेरिका जहां अपने नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहे ईरानी जहाजों को कब्जे में ले रहा है, तो ईरान की ओर से अमेरिकी नेवी पर ड्रोन अटैक किए जाने की खबरें आ रही हैं. जंग और टेंशन फिर से बढ़ने का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला है. ब्रेंट क्रूड की कीमतें करीब 6 फीसदी से ज्यादा उछल गई, तो WTI Crude में भी करीब 7 फीसदी की तेजी आई है.  

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एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को शुरुआती ट्रेडिंग में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया था. शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज पर ट्रेडिंग फिर से शुरू होने के बाद अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत 6.4% बढ़कर 87.88 डॉलर प्रति बैरल हो गई थी. इंटरनेशनल स्टैंडर्ड ब्रेंट क्रूड की कीमत 6.5% बढ़कर 96.25 प्रति बैरल हो गई. 

शांति की उम्मीद टूटी, तेल में आग
ऑयल मार्केट का यह रिएक्शन अमेरिका और ईरान के बीच शांति स्थापित होने के दो दिनों से ज्यादा समय तक बढ़ती उम्मीदों के टूटने के बाद देखने को मिला है. Hormuz Strait को लेकर दोनों देशों की तनातनी में कमी आती नहीं दिखी, जिसका ग्लोबल टेंशन फिर से बढ़ाने में बड़ा रोल रहा. सोमवार को खबर लिखे जाने तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़त के साथ ट्रेड कर रही थीं. Brent Crude Price करीब 6 फीसदी की उछाल को कायम रखे हुए था.

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ट्रंप बोले- होर्मुज नाकाबंदी रहेगी जारी
मिडिल ईस्ट में तनाव कुछ दिनों के कम हुआ था और उम्मीद जताई जा रही थी पाकिस्तान के इस्लामाबाद में पहली शांति वार्ता फेल होने के बाद दूसरी बातचीत सफल रहेगी, लेकिन इसके शुरू होने से पहले ही टेंशन चरम पर पहुंच गई. दरअसल, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रहेगी, तो इसके बाद तेहरान ने अपना फैसला पलटते हुए शनिवार को कई जहाजों पर गोलीबारी की थी. 

इसके अगले दिन ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने एक ईरानी झंडे वाले कमर्शियल जहाज पर हमला किया है और उसे जब्त किया है, क्योंकि वो अमेरिकी नाकाबंदी को पार कर रहा था. इसके बाद ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने जवाबी कार्रवाई की बात कही. 

US-Israel Vs Iran युद्ध कुछ दिन की शांति के बाद अब फिर से बढ़ने लगा है और ये आठवें सप्ताह में एंट्री कर चुका है. इस युद्ध ने दशकों के सबसे बड़े वैश्विक ऊर्जा संकट (Global Energy Crisis) में से एक को जन्म दिया है और इसका असर दुनियाभर के देशों पर देखने को मिला है. खासतौर पर एशिया और यूरोप के वे देश, जो खाड़ी देशों से अपने तेल का एक बड़ा हिस्सा आयात करते हैं, उन्हें सप्लाई में रुकावट और प्रोडक्शन में कटौती से सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है. 

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