टायर बनाने वाली हर्ष गोयनका की कंपनी CEAT के शेयरों में भारी गिरावट आई है, क्योंकि कंपनी का मुनाफा अचानक 96 फीसदी तक टूट चुका है. जून तिमाही नतीजों में भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे माल की लागत में बढ़ोतरी है. कंपनी के मार्जिन में भारी गिरावट देखने को मिली है, वह भी तब जब रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ देखी गई है.
शुक्रवार को बाजार खुलने के कुछ ही देर बाद CEAT के शेयर 3,500 रुपये के नीचे चले गए, जो 9.4 प्रतिशत तक की भारी गिरावट थी. हालांकि, कुछ देर बाद 7.35% टूटकर 3548 रुपये पर कारोबार कर रहे थे. यह शेयर BSE स्मॉलकैप इंडेक्स में सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में से एक था. निफ्टी 50 में 7.2 प्रतिशत की गिरावट की तुलना में, 2026 में अब तक इसमें 6.1 प्रतिशत की गिरावट आई है. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 14,350 करोड़ रुपये से अधिक है.
नेट प्रॉफिट में 96 फीसदी की गिरावट
कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही के लिए 4 करोड़ रुपये का कंसोलिडेट नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो एक साल पहले के 112 करोड़ रुपये से 96.4 प्रतिशत कम है, क्योंकि उच्च इनपुट लागत ने मार्जिन को कम कर दिया है.
रेवेन्यू में शानदार उछाल
ऑपरेशनल रेवेन्यू में सालाना आधार पर 22.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 3,529 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,318 करोड़ रुपये हो गया, जो इसके सभी व्यवसायों में मजबूत मांग का संकेत देता है. हालांकि, EBITDA में सालाना आधार पर 5.7 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 365 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 11 प्रतिशत से घटकर 8.5 प्रतिशत हो गया.
क्यों आई भारी गिरावट?
कंपनी ने कहा कि वेस्ट एशिया संकट के कारण कच्चे माल की बढ़ी हुई लागत ने तिमाही के दौरान प्रॉफिट पर दबाव डाला और उच्च बिक्री के लाभों को बेअसर कर दिया. आय पर दबाव के बावजूद, CEAT ने अपनी लॉन्गटर्म योजनाओं को समर्थन देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निवेश की घोषणा की है. बोर्ड ने नागपुर स्थित प्लांट में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 1,205 करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडेचर को मंजूरी दी है.
बढ़ेगी उत्पादन क्षमता
इस विस्तार से प्लांट की उत्पादन क्षमता में हरदिन लगभग 53,000 टायरों की बढ़ोतरी होगी. वर्तमान में, CEAT की स्थापित उत्पादन क्षमता लगभग 80,000 टायर प्रतिदिन है, जिसमें निर्माणाधीन क्षमता शामिल नहीं है, और कुल उपयोग लगभग 95 प्रतिशत है. निवेश के पीछे के तर्क को समझाते हुए कंपनी ने कहा कि नागपुर स्थित उसके पलांट में दोपहिया टायरों की मौजूदा उत्पादन क्षमता लगभग पूरी तरह से उपयोग में है.
कंपनी ने अपने फाइलिंग में कहा कि नागपुर पलांट में दोपहिया टायरों की मौजूदा उत्पादन क्षमता लगभग पूरी तरह से उपयोग में है. क्षमता नियोजन संबंधी सक्रिय पहलों के अनुरूप, कंपनी आंतरिक मूल्यांकन के अनुसार ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड में विनिर्माण क्षमता बढ़ाएगी.
(नोट- किसी भी शेयर में खरीदारी से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क