Anil Ambani Tension: पहले अरेस्ट... अब रिमांड पर अनिल अंबानी की कंपनी के पूर्व MD, जानिए मामला

Anil Ambani के करीबी रहे सतीश सेठ को बीते शुक्रवार को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरेस्ट किया गया था और दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें 6 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है.

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कम नहीं हो रहीं अनिल अंबानी की मुश्किलें. (File Photo: ITG) कम नहीं हो रहीं अनिल अंबानी की मुश्किलें. (File Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:30 AM IST

अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. उनके नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप पर ईडी का एक्शन जारी है. बीते शुक्रवार को ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी के करीबी और रिलायंस ग्रुप के पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के वाइस-चेयरमैन सतीश सेठ को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया था. अब 

गिरफ्तारी के बाद उन्हें एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया है, जहां से ईडी को ट्रांजिट रिमांड मिल गई है. अब उन्हें दिल्ली लाया जा रहा है.समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को मुंबई में रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (RAAG) के दो पूर्व अधिकारियों को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया था. अब दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने उन्हें 6 दिन की ED कस्टडी में भेज दिया है.

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कोर्ट ने कहा- कस्टडी में पूछताछ जरूरी
रिपोर्ट के मुताबिक, द्वारका कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के पूर्व ग्रुप MD सतीश सेठ को 6 दिन की रिमांड पर भेजा है. मनी लॉन्ड्रिंग के एक कथित मामले में गिरफ्तार सेठ पर आरोप है कि उन्होंने ज्यादा कीमत पर डायमंड इंपोर्ट दिखाकर फर्जी बिल बनाए और हवाला के जरिए पैसे विदेश भेजे. कोर्ट ने इस पूरे मामले को लेकर कहा है कि अपराध से मिली रकम के असली लाभार्थियों की पहचान करने और पैसे के पूरे लेन-देन का पता लगाने के लिए उनकी कस्टडी में पूछताछ जरूरी है. 

बता दें कि सतीश सेठ को लंबे समय तक अनिल अंबानी का बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता रहा है, जो रिलायंस ग्रुप के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के वाइस-चेयरमैन के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 

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ED को जांच में क्या-क्या मिला? 
प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि PMLA के तहत की गई जांच में सामने आया कि अनिल अंबानी की रिलायंस बड़े पैमाने पर हुए उस फ़ाइनेंशियल फ्रॉड की प्रमुख लाभार्थी थी, जिसमें NHAI के दो रोड कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स (जयपुर-रींगस टोल रोड और त्रिची-करूर टोल रोड) से पब्लिक फंड को भी सिस्टमैटिक तरीके से विदेश भेजा गया था. आरोप है कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (RIL) उन कॉर्पोरेट कंपनियों में से एक थी जिन्होंने शेल कंपनियों का इस्तेमाल करके पैसे विदेश भेजे। ED का आरोप है कि RIL ने 92 करोड़ रुपये विदेश भेजे.

मार्च में CBI ने दर्ज किया था केस
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बीते मार्च 2026 में ही अनिल अंबानी के करीबी सतीश सेठ और गौतम दोशी के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इसके बाद दोनों अधिकारियों के परिसरों और ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी. सीबीआई की इसी शिकायत को आधार बनाकर ईडी ने दोनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अपनी जांच शुरू की थी. 

कल शेयरों पर दिखेगा असर 
अनिल अंबानी के करीबियों पर ईडी का एक्शन बीते लंबे समय से जारी है और हर अपडेट का असर उनकी कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिलता रहा है. ऐसे में सतीश सेठ की छह दिन की रिमांड की खबर के बाद भी अनिल अंबानी की कंपनियों रिलायंस इंफ्रा और रिलायंस पावर के शेयर फोकस में हैं और सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को मार्केट ओपन होने के साथ ही इनपर असर देखने को मिल सकता है. 

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बीते शुक्रवार को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर (Reliance Infra Share) जोरदार 4.99 फीसदी की उछाल के साथ 85.84 रुपये के लेवल पर क्लोज हुआ था. तो वहीं अनिल अंबानी की दूसरी कंपनी रिलायंस पावर का शेयर (Reliance Power Share) 3.38 फीसदी की तेजी लेकर 26.59 रुपये पर क्लोज हुआ था. 

(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

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