कच्चे तेल को लेकर एक नई चेतावनी आ गई है, जो आपको हैरान कर देगा. कुछ बड़ी कंपनियों का कहना है कि कच्चे तेल के दाम आने वाले दिनों में 160 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है. इसकी वजह अमेरिका में तेजी से घट रहा तेल रिजर्व बताया जा रहा है.
दरअसल, अमेरिका में क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का रिजर्व गिरकर 22 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है. इस वजह से दुनिया की कुछ बड़ी ऑयल कंपनियों ने क्रूड की कीमतों में तेजी का अनुमान लगाया है. वहीं पहले से ही ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव हाई लेवल पर बना हुआ है. इसके चलते भारत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें बढ़ाने को मजबूर हुई हैं.
तेजी से घट रहा तेल का ग्लोबल रिजर्व
ExxonMobil के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नील चैपमैन ने कहा है कि ग्लोबल इनवेंट्री काफी निचले लेवल की ओर जा रही है. उन्होंने कहा कि अगर आने वाले दिनों में सप्लाई नहीं बढ़ती है तो ब्रेंट क्रूड का भाव 150 से 160 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है. उनका कहना है कि सप्लाई में कमी के बीच मार्केट अनिश्चत काल के लिए इनवेंट्री पर निर्भर नहीं रह सकता. कई दूसरे एग्जिक्यूटिव्स का भी मानना है कि इमरजेंसी रिजर्व और कमर्शियल स्टॉक ने अचानक लगे झटकों से बचाया है, लेकिन अब रिजर्व तेजी से घटने लगा है.
रिफाइंड प्रोडक्ट्स की सप्लाई में भी बनी आफत!
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, Chevron के चेयरमैन और सीईओ माइक विर्थ का भी मानना है कि तनाव जारी रहने से तेल की कीमतें काफी ऊपर जा सकती हैं. एनालिस्ट्स का कहना है कि रिस्क सिर्फ कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर नहीं है, पेट्रोल-डीजल और एटीएफ जैसे रिफाइंड प्रोडक्ट्स के मामले में भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है. कच्चे तेल के प्रोडक्शन को कुछ स्थितियों में जल्द बढ़ाया जा सकता है, लेकिन, रिफाइंड फ्यूल की इनवेंट्री रिफानरी कपैसिटी पर निर्भर करता है.
कच्चे तेल के दाम ऊंचे स्तर पर
कच्चे तेल के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं. जंग शुरू होने से पहले कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई थी, लेकिन अब कच्चे तेल के दाम ऊंचे स्तर पर जा चुके हैं. एक समय कच्चे तेल के दाम 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए थे. हालांकि, बाद में तेल की कीमतें 100 डॉलर के ऊपर बनी रहीं. अब भी ब्रेंट क्रूड ऑयल प्राइस 95 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है
तेल कंपनियों ने दिया झटका
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कई बार करके तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा किया. इसके साथ ही एटीएफ के दाम भी बढ़ाए गए हैं. जिस कारण लॉजिस्टिक का खर्च बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही गैस के दाम में भी इजाफा किया गया है.
आजतक बिजनेस डेस्क