बिहार: नीतीश कुमार के बेटे निशांत की पढ़ाई पर तेजस्वी यादव का तंज, बोले - शिक्षा मंत्री उन्हें इंजीनियर जरूर बना देंगे

बिहार में एक बार फिर से नेताओं के बीच शैक्षणिक योग्यता को लेकर सियासत शुरू हो गई है. अब इस कड़ी में निशांत कुमार का भी नाम जुट गया है. राजद नेता तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें बिहार के शिक्षा मंत्री पर पूरा भरोसा है कि वह निशांत कुमार को इंजीनियर बना देंगे.

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निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता पर सियासत शुरू हो गई है (Photo: PTI) निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता पर सियासत शुरू हो गई है (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:34 PM IST

बिहार में इस वक्त एक नई सियासी बहस छिड़ी हुई है. और इस बहस का मुद्दा है. नेताओं की पढ़ाई-लिखाई. RJD नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की डिग्री पर तंज कसा है. 

निशांत कुमार बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे हैं. जिन्हें अब तक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट बताया जाता था. लेकिन उनके खुद के एफिडेविट यानी शपथपत्र से एक अलग सच सामने आया है.

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निशांत कुमार ने गुरुवार को बिहार विधान परिषद के सदस्य चुने गए. जब वो चुनाव लड़ते हैं तो उन्हें एक शपथपत्र भरना होता है. उस शपथपत्र में उन्होंने खुद लिखा कि उन्होंने झारखंड के बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा में पढ़ाई की. लेकिन वहां जो कोर्स होता है वो कुल 8 सेमेस्टर का था. और निशांत कुमार ने उसमें से सिर्फ 5 सेमेस्टर ही पूरे किए. और वो भी साल 2001 तक. यानी उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी नहीं की.

लेकिन इससे पहले उन्हें अपने पिता नीतीश कुमार की तरह इंजीनियरिंग ग्रेजुएट बताया जाता था. यानी जो बात लोगों को पता थी, वो बात उनके अपने ही दस्तावेज से अलग साबित हुई.

तेजस्वी ने क्या कहा?

जैसे ही यह बात सामने आई, RJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि मुझे बिहार के शिक्षा मंत्री पर पूरा भरोसा है कि वो निशांत को इंजीनियर जरूर बना देंगे.

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यह भी पढ़ें: बिहार विधान परिषद चुनाव: पवन सिंह और मंत्री निशांत कुमार समेत 9 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए

यहां तेजस्वी ने जो बात कही उसका एक और मतलब भी था. दरअसल, बिहार के एक और मंत्री हैं, अशोक चौधरी. इस फरवरी में अशोक चौधरी ने असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी ज्वाइन की. और उन्होंने पटना के एएन कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस का लेक्चर भी दिया. तेजस्वी का इशारा यही था कि बिहार में नेता मंत्री रहते हुए प्रोफेसर भी बन सकते हैं, तो निशांत को इंजीनियर बनाना कौन सी बड़ी बात है.

तेजस्वी ने और क्या आरोप लगाए?

तेजस्वी यहीं नहीं रुके. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास तो कोई डिग्री ही नहीं है. और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर भी पहले से सवाल उठते रहे हैं.

तेजस्वी ने कहा कि मैंने कम से कम झूठ नहीं बोला. मैंने अपनी पढ़ाई साफ बताई. लेकिन बिहार के CM हों या देश के PM, इन सबने अपनी असली डिग्री छुपाई और नकली दिखाई.

तेजस्वी खुद कितने पढ़े-लिखे हैं?

यहां एक दिलचस्प बात यह है कि तेजस्वी यादव खुद भी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं. वो अपने चुनावी शपथपत्रों में हमेशा यही लिखते आए हैं कि उनकी पढ़ाई 8वीं तक हुई. क्योंकि 9वीं कक्षा में ही उन्होंने स्कूल छोड़ दिया था. वजह थी.. क्रिकेट. वो प्रोफेशनल क्रिकेट खेलना चाहते थे. यानी तेजस्वी खुद भी यह दावा नहीं करते कि वो ज्यादा पढ़े-लिखे हैं. लेकिन उनका कहना है कि उन्होंने जो था वो सच बताया. जबकि दूसरों ने वो बताया जो था नहीं.

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