'कोई कितना भी रसूखदार हो, बचेगा नहीं...' फैजल खान और रोशन आनंद के बीच टकराव पर संजय झा का बयान

पटना का चर्चित कोचिंग विवाद अब सिर्फ कोचिंग संस्थानों तक सीमित नहीं रहा. फायरिंग, FIR और आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा भी सामने आए हैं. उनका कहना है कि इस मामले में कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अगर दोषी पाया गया तो बच नहीं पाएगा.

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शशि भूषण कुमार

  • पटना,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:13 PM IST

पटना में इन दिनों दो कोचिंग संचालकों के बीच चल रहे विवाद की चर्चा सिर्फ छात्रों के बीच नहीं, बल्कि राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गई है. मामला इतना बढ़ा कि अब इस पर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा को भी बयान देना पड़ा है.

संजय झा ने साफ कहा है कि इस मामले में किसी के साथ पक्षपात नहीं होगा और कानून अपना काम करेगा. उनका कहना है कि चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, अगर जांच में उसकी भूमिका सामने आती है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.

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संजय कुमार झा ने कहा कि कोचिंग संचालक रोशन आनंद उनसे मिलने आए थे. मुलाकात के दौरान उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार और प्रशासन पूरी निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करेंगे.

उन्होंने कहा कि पुलिस ने गोली चलाने वाले और गोली चलवाने वाले दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इसलिए यह कहना गलत होगा कि किसी एक पक्ष को बचाया जा रहा है या किसी के साथ विशेष व्यवहार किया जा रहा है. झा ने कहा कि कोई कितना भी रसूख वाला क्यों न हो, वह कानून से ऊपर नहीं है.

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पटना में कोचिंग कारोबार को लेकर फैजल खान और रोशन आनंद के बीच टकराव का मामला पिछले कुछ समय से चर्चा में है. दोनों पक्षों के बीच विवाद ने उस समय ज्यादा तूल पकड़ लिया, जब फायरिंग और धमकी जैसे आरोप सामने आए. इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. इस पूरे विवाद ने सोशल मीडिया पर भी काफी सुर्खियां बटोरीं और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने लगीं.

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संजय झा ने इस मामले को बिहार में कानून के राज से जोड़ते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने राज्य में सुशासन और निष्पक्ष प्रशासन का जो मॉडल स्थापित किया, उसी के तहत कार्रवाई हो रही है. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भी उसी व्यवस्था को आगे बढ़ा रही है और किसी भी आरोपी को उसके प्रभाव या पहचान के आधार पर राहत नहीं मिलेगी.

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी. अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इस हाई-प्रोफाइल विवाद में कोई बड़ी कार्रवाई देखने को मिलती है.

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