'हिम्मत है तो बंगला खाली कराकर दिखाएं', रोहिणी आचार्य ने सीएम सम्राट चौधरी को दी चुनौती

बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने के सरकारी निर्देश के बाद राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एनडीए सरकार पर बदले की राजनीति का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार बेरोजगारी, महंगाई और अपराध जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष को निशाना बना रही है.

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रोहिणी आचार्य ने एनडीए सरकार पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया है. File Photo रोहिणी आचार्य ने एनडीए सरकार पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया है. File Photo

aajtak.in

  • पटना,
  • 31 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:41 PM IST

बिहार की राजनीति में सरकारी बंगले को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने राज्य की एनडीए सरकार पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया है. यह विवाद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पटना स्थित 10, सर्कुलर रोड बंगला खाली करने के निर्देश दिए जाने के बाद शुरू हुआ है.

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'हिम्मत है तो बंगला खाली करके दिखाए सरकार'
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता का ध्यान बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और बढ़ते अपराध जैसे मुद्दों से हटाने के लिए विपक्षी नेताओं को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने लिखा, 'अगर सरकार में हिम्मत है तो वह बंगला जबरन खाली कराकर दिखाए'.

दरअसल, भवन निर्माण विभाग ने 27 मई को जारी आदेश में 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास डेयरी एवं मत्स्य मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है. यह बंगला लोक भवन और मुख्यमंत्री आवास के नजदीक स्थित है. राबड़ी देवी वर्ष 2006 से इस आवास में रह रही हैं.

क्या बोलीं राबड़ी देवी?
शनिवार को अवकाश से लौटने के बाद जब पत्रकारों ने राबड़ी देवी से इस मुद्दे पर सवाल पूछा तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो उन्हें बलपूर्वक हटाकर दिखाए, लेकिन वह स्वयं यह बंगला खाली नहीं करेंगी.

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रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में सरकार के कदम को 'तुगलकी फरमान' बताते हुए कहा कि पुलिस भेजकर किसी पूर्व मुख्यमंत्री को घर से निकालने की कोशिश लोकतंत्र नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार का प्रतीक है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को निशाना बनाने में व्यस्त है.

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद रोहिणी आचार्य ने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने और पारिवारिक मामलों से अलग रहने की घोषणा की थी. रोहिणी उस समय सुर्खियों में आई थीं जब उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को किडनी दान की थी. उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में सारण सीट से चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

अब राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर शुरू हुआ विवाद बिहार की राजनीति में नया सियासी मुद्दा बनता नजर आ रहा है.

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