बिहार सरकार की सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी. बैठक में कुल 22 एजेंडों को मंजूरी दी गई. इनमें स्वास्थ्य, परिवहन और मत्स्य पालन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल रहे. कैबिनेट ने पटना स्थित AIIMS के विस्तार के लिए दानापुर के मौजा-भूसौला में 26.76 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की. इस परियोजना पर लगभग 348.90 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है.
सरकार का मानना है कि AIIMS पटना के विस्तार से सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का दायरा बढ़ेगा. मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी. इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को भी नई गति मिलेगी. इससे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी.
चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगी नई रफ्तार
कैबिनेट ने मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी बड़ा फैसला लिया. सरकार ने बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BAIDCL) के गठन को मंजूरी दे दी है. सरकार के अनुसार BAIDCL के गठन से आधुनिक मत्स्य अवसंरचना का विकास होगा. इससे इस क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने की दिशा में काम होगा.
बैठक में राज्य की परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. कैबिनेट ने राज्य के चार प्रमुख कॉरिडोर में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के निर्माण के लिए अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कराने की स्वीकृति दी. इस काम के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को नामित किया गया है.
बिहार कैबिनेट ने खोला विकास का नया रास्ता
प्रस्तावित RRTS कॉरिडोर पटना से मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, आरा और गया तक विकसित किए जाएंगे. कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने और मत्स्य पालन क्षेत्र में विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
शशि भूषण कुमार