'अगर पकड़ सकते थे तो गोली क्यों मारी', भरत तिवारी एनकाउंटर केस में नए बयान दर्ज

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच आयोग के समक्ष सोमवार को तीन अहम गवाहों ने बयान दर्ज कराए. भरत तिवारी की भाभी सुमन देवी, प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा करने वाले सत्यनारायण चौधरी और मंटू कमकर ने आयोग के सामने घटना से जुड़ा अपना पक्ष रखा. परिवार ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग दोहराई.

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भरत तिवारी की बड़ी भाभी सुमन देवी ने रखा अपना पक्ष. (Photo: ITG) भरत तिवारी की बड़ी भाभी सुमन देवी ने रखा अपना पक्ष. (Photo: ITG)

सोनू कुमार सिंह

  • भोजपुर ,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:35 PM IST

बिहार के भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी कथित पुलिस एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच लगातार आगे बढ़ रही है. सोमवार को इस मामले में एक अहम चरण पूरा हुआ, जब न्यायिक जांच आयोग के सामने तीन महत्वपूर्ण गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए. इनमें भरत तिवारी की बड़ी भाभी सुमन देवी, घटना के प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा करने वाले सत्यनारायण चौधरी और मंटू कमकर शामिल रहे. तीनों ने आयोग के अध्यक्ष, सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष घटना से जुड़ी अपनी-अपनी जानकारी साझा की.

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आरा में मौजूद न्यायिक जांच कार्यालय में हुई इस सुनवाई के बाद तीनों गवाहों ने मीडिया से बातचीत भी की. सुमन देवी ने बताया कि आयोग ने उनसे घटना के पूरे क्रम, उस समय मौजूद पुलिस अधिकारियों और अन्य पहलुओं को लेकर विस्तार से पूछताछ की. उन्होंने कहा कि उनसे करीब डेढ़ घंटे तक सवाल-जवाब हुए और उन्होंने अपनी जानकारी के अनुसार सभी तथ्य आयोग के सामने रखे.

सुमन देवी ने दावा किया कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद थीं. उन्होंने आयोग को बताया कि उनके सामने भरत तिवारी को गोली मारी गई. उनका कहना है कि घटना के दौरान परिवार के लोगों ने भरत से मिलने और बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने यह भी कहा कि घायल होने के बाद भरत को एंबुलेंस से नहीं बल्कि पुलिस वाहन से ले जाया गया. उन्होंने आयोग के सामने यही बातें रखीं और पूरी घटना का क्रम बताया.

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करीब डेढ़ घंटे तक आयोग ने किए सवाल-जवाब

सुमन देवी ने कहा कि आयोग के अध्यक्ष ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि पूरी सुनवाई के बाद न्याय मिलेगा. उन्होंने न्यायिक जांच प्रक्रिया पर विश्वास जताते हुए कहा कि उनकी मांग है कि यदि जांच में कोई पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि उनका परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है और उन्हें उम्मीद है कि आयोग निष्पक्ष जांच करेगा.

मीडिया से बातचीत के दौरान सुमन देवी ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में गोलीबारी हुई. उन्होंने अपने बयान में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के नामों का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने आयोग के सामने वही बातें रखीं जो उन्होंने देखीं और जिन पर उनका विश्वास है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि परिवार का सवाल है कि यदि भरत को पकड़ा जा सकता था तो गोली क्यों चलाई गई.

दूसरे गवाह सत्यनारायण चौधरी ने भी आयोग के सामने अपना बयान दर्ज कराया. उन्होंने बताया कि आयोग ने उनसे घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की. उन्होंने कहा कि उन्होंने वही बातें बताईं जो उनके अनुसार उन्होंने घटना के समय देखी थीं. उनका कहना था कि उन्होंने आयोग के सामने पूरा घटनाक्रम अपनी जानकारी के अनुसार रखा है.

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सत्यनारायण चौधरी ने कहा कि उन्हें न्यायिक जांच पर भरोसा है. साथ ही उन्होंने कहा कि वह सच बोल रहे हैं और इसलिए उन्हें किसी प्रकार का डर नहीं है. उन्होंने आयोग से उम्मीद जताई कि जांच पूरी होने के बाद न्याय मिलेगा. उनका कहना है कि उन्होंने आयोग के सामने वही तथ्य रखे हैं जो उनकी जानकारी में हैं. सोमवार को मंटू कमकर ने भी आयोग के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया. उन्होंने भी घटना से जुड़े अपने पक्ष को न्यायिक जांच आयोग के सामने रखा. आयोग ने तीनों गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया. 

भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच आयोग लगातार परिवार के सदस्यों, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रहा है. इससे पहले शनिवार को भरत तिवारी के पिता और मां के बयान दर्ज किए गए थे. सोमवार को तीन और गवाहों के बयान होने के बाद अब तक कुल पांच लोगों की गवाही हो चुकी है.

परिवार की ओर से अभी भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी का बयान दर्ज होना बाकी है. माना जा रहा है कि उनके बयान के बाद आयोग मामले से जुड़े अन्य पक्षों से भी पूछताछ करेगा और सभी तथ्यों का परीक्षण करेगा. आयोग की ओर से सभी गवाहों के बयान रिकॉर्ड किए जा रहे हैं. परिवार के सदस्य और प्रत्यक्षदर्शी अपने-अपने दावे आयोग के सामने रख रहे हैं. आयोग इन सभी बयानों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अपनी जांच को अंतिम रूप देगा. इसके बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपी जाएगी.

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जांच पूरी होने के बाद राज्य सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

फिलहाल सोमवार को हुई तीन अहम गवाहों की गवाही को इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे न्यायिक जांच आयोग किन लोगों के बयान दर्ज करता है और सभी पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष देता है.
 

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