Green SM Driver Joining Process & Salary: वियतनाम की इलेक्ट्रिक कार कंपनी VinFast अब भारत में सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहती. वियतनामी कंपनी Vingroup ने अब देश में टैक्सी सर्विस बिजनेस में भी एंट्री कर ली है. ग्रीन एसएम (Green SM) ने आज से देश की राजधानी दिल्ली में अपनी ऑल-इलेक्ट्रिक कैब लॉन्च कर दी है. कंपनी का दावा है कि वह करीब 8 रुपये प्रति किलोमीटर के रेट से इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस दे सकती है. विनफास्ट के इस कदम को Ola और Uber जैसी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है.
आज तक ने ग्रीन एसएम के एक ड्राइवर से बात की है और पूरे प्रोसेस को समझा कि, आखिर इस कैब सर्विस में कैसे ज्वाइनिंग होती है और इससे एक ड्राइवर किस तरह से कमाई और फायदे उठा सकता है. कंपनी ड्राइवरों से सीधे मैसेज या कॉल के जरिए संपर्क कर रही है. इसके अलावा इच्छुक ड्राइवर कंपनी की आधिकारिक वेसाइट के माध्यम से भी ग्रीन एसएम से संपर्क कर सकते हैं.
खास बात यह है कि कंपनी पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों पर बेस्ड कैब नेटवर्क तैयार कर रही है. इससे पहले इलेक्ट्रिक वाहनों पर बेस्ड कैब सर्विस ब्लूस्मार्ट ने भी शुरू की थी. लेकिन विनफास्ट से लोगों को ख़ासी उम्मीद है. तो आइये जाने क्या है विनफास्ट का प्लान और किस तरह ये कंपनी OLA और Uber जैसे राइड हेलिंग एग्रीगेटर्स के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर सकती है.
कंपनी ने भारत के कई राज्यों में ड्राइवर-पार्टनर्स की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. मीडिया रिपोर्टस में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि, ड्राइवरों को करीब 35 हजार से 40 हजार रुपये तक की सैलरी ऑफर की जा रही है. हालांकि कंपनी का कहना है कि, डाइवरों के पास 45,000 रुपये प्रतिमाह कमाई का भी मौका है. इससे साफ है कि कंपनी बड़े स्तर पर अपना नेटवर्क तैयार करने की योजना बना रही है. GSM का कहना है कि उसके ड्राइवरों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि यात्रियों को अच्छी सर्विस मिल सके. कंपनी अपने ऐप में कई सेफ्टी फीचर्स भी देने वाली है.
ये भी एक ऐप बेस्ड कैब सर्विस होगी. जिसमें यूजर ओला-उबर की ही तरह कैब बुक कर सकेंगे. जैसा कि कंपनी का दावा है कि, इसमें 8 रुपये प्रतिकिमी का चार्ज लिया जाएगा, ऐसे में ये एक किफायती कैब सर्विस हो सकती है. जो सीधे तौर पर ओला, उबर, रैपिडो और हाल ही में लॉन्च हुई भारत टैक्सी को कड़ी टक्कर दे सकती है. हालांकि इसका असल असर कैब सर्विस शुरू होने के बाद ही देखने को मिलेगा.
आजतक ने ग्रीन एसएम के एक ड्राइवर से बात की. जिन्होंने हाल ही में इस कैब सर्विस को ज्वाइन किया है. उनका कहना है कि, इस फ्लीट में ज्वाइन करने के लिए आपको सबसे पहले इंटरव्यू देना होगा. जिसे क्लीयर करने के बाद डॉक्युमेंट (आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी) जमा कराया जाएगा और ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा. ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद कंपनी हर ड्राइवर को 4 दिन की ट्रेनिंग कराती है. इस ट्रेनिंग में कंपनी के बारे में जानकारी दी जाती है साथ ही व्हीकल फंक्शन और कस्टमर के साथ बिहैवियर के बारे में बताया जाता है.
ट्रेनिंग के दौरान कंपनी रोजाना 600 रुपये से 1,000 रुपये भत्ता भी देती है. इसके बाद ड्राइवर का मेडिकल टेस्ट (ब्लड और चेस्ट) कराया जाता है. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाता है और व्हीकल हैंडओवर प्रोसेस शुरू होता है. ड्राइवर के हाथ गाड़ी देने से पहले कंपनी 20,000 रुपये सिक्योरिटी मनी भी लेती है. जिसमें से 5,000 रुपये तत्काल लिए जाते हैं और बाकी के 15,000 रुपये सैलेरी से काटी जाती है.
ड्राइवर ने बताया ये सैलेरी प्रतिदिन 1,345 रुपये के हिसाब से सप्ताहिक तौर पर दी जाती है. जिसमें सोमवार से रविवार तक की सैलेरी शामिल होती है और मंगलवार को पैसा खाते में दिया जाता है. ड्राइवर का कहना है कि, फिलहाल कंपनी ड्राइवरों को ज्वाइनिंग के बाद दो महीने तक 35,000 रुपये सैलरी दे रही है, जिसके बाद सैलरी में इजाफा किया जाएगा.
ग्रीन एसएम के ड्राइवर ने बताया कि, रेगुलर कैब सर्विसेज के मुकाबले ये कंपनी काफी बेहतर और पेशेवर तरीके से काम करती है. हर रोज 10 घंटे की ड्यूटी है और सप्ताह में एक दिन की छुट्टी मिलती है. इसके अलावा कंपनी का कहना है कि, हमने सभी ड्राइवर पार्टनर्स को ईएसआईसी / प्राइवेट इंश्योरेंस और दुर्घटना बीमा कवर (भारत में लागू नियमों के अनुसार) से जोड़ा है. ड्राइवरों को 10 लाख रुपये तक का एक्सीडेंटल बीमा भी कराया जा रहा है. इसके अलावा ड्राइवरों को हफ्ते में एक दिन छुट्टी भी दी जाएगी.
रिपोर्ट्स के मुताबिक GSM भारत में करीब 10 हजार Limo Green इलेक्ट्रिक MPV लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. यह खास इलेक्ट्रिक MPV टैक्सी सर्विस के लिए तैयार की गई है. हाल ही में इन गाड़ियों को भारतीय सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान भी देखा गया है. ये मल्टी पर्पज व्हीकल अपने ज्यादा सीटिंग कैपिसिटी और प्रीमियम फीचर्स के लिए जानी जाती है.
इसके अलावा VinFast की VF5 इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर SUV भी कंपनी के राइड-हेलिंग नेटवर्क का अहम हिस्सा बन सकती है. कंपनी का फोकस सिर्फ सस्ती सेवा देना नहीं, बल्कि यात्रियों को बेहतर और कम्फर्टेबल राइड एक्सपीरिएंस देने का है.
विनफास्ट एशिया के सीईओ फाम सान चाउ ने साफ कहा है कि GSM सिर्फ VinFast की गाड़ियों का इस्तेमाल करेगी. यानी कंपनी खुद गाड़ियां बनाएगी और खुद ही टैक्सी नेटवर्क भी चलाएगी. इससे सर्विस की क्वालिटी और भरोसे को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी. VinFast पहले से ही तमिलनाडु में अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लान को मजबूत करने में लगी हुई है. अब GSM के जरिए कंपनी अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बड़ा कमर्शियल नेटवर्क भी तैयार कर रही है.
विनफास्ट भारतीय बाजार में अपनी तीन इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री करती है. जिसमें दो इलेक्ट्रिक एसयूवी VF6 और VF7 और एक हाल ही में लॉन्च हुई 7-सीटर एमपीवी कार VF MPV7 है. जिनकी शुरुआती कीमत क्रमश: 17.29 लाख रुपये, 21.89 लाख रुपये और 24.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है. कंपनी पहले ही वियतनाम, लाओस, फिलीपींस और इंडोनेशिया जैसे देशों में अपनी कैब शुरू कर चुकी है. अब भारत उसका अगला बड़ा बाजार बनने जा रहा है.
अश्विन सत्यदेव