100% एथेनॉल की तैयारी, क्या खत्म होने वाला है पेट्रोल-डीजल का दौर! जानें क्या बोले नितिन गडकरी

भारत ने साल 2023 में E20 पेट्रोल लॉन्च किया था, जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है. सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा संकेत दिया है कि भारत अब 100 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग की तरफ बढ़ना चाहता है. उन्होंने कहा कि, हमें एनर्जी इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने की जरूरत है.

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ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा देश के एनर्जी सेक्टर को आत्मनिर्भर होना होगा. Photo: PTI ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा देश के एनर्जी सेक्टर को आत्मनिर्भर होना होगा. Photo: PTI

आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:55 PM IST

तेल के लिए विदेशों पर निर्भरता, महंगा होता फ़्यूल और वेस्ट एशिया का तनाव. इन तीनों के बीच अब एक नया रास्ता सामने आया है. ऐसा रास्ता जो न केवल बज़ट को कंट्रोल करेगा बल्कि देश के एनर्जी सेक्टर को भी मजबूती देगा. सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा संकेत दिया है कि भारत अब 100 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग की तरफ बढ़ना चाहता है. उनका मानना है कि इससे देश ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकता है और विदेशी तेल पर निर्भरता कम होगी. यानी आने वाले समय में आपकी गाड़ी विदेशी तेल नहीं, बल्कि देश में बने फ्यूल पर दौड़ेंगी. 

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वेस्ट एशिया ने बढ़ाई चिंता

नितिन गडकरी ने ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में कहा कि वेस्ट एशिया में चल रहे युद्ध के कारण एनर्जी सेक्टर पर संकट गहराया है. ऐसे में भारत के लिए जरूरी हो गया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खुद पर निर्भर बने. उन्होंने साफ कहा कि भविष्य में 100 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग एक जरूरी कदम हो गया है. इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि, एथेनॉल ब्लेंडिंग के चलते इस संकट के बीच भी भारत ने करोड़ों बैरल कम तेल आयात किया है. 

भारत ने साल 2023 में E20 पेट्रोल लॉन्च किया था, जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है. गडकरी ने बताया कि मौजूदा वाहन थोड़े बहुत बदलाव के साथ E20 पर चल सकते हैं और इससे इंजन को ज्यादा नुकसान नहीं होता. उन्होंने ब्राजील का उदाहरण दिया, जहां 100 प्रतिशत एथेनॉल का इस्तेमाल सफलतापूर्वक हो रहा है.

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मंत्री ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का करीब 87 प्रतिशत तेल आयात करता है. इस पर हर साल लगभग 22 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं. इसके अलावा फॉसिल फ्यूल से प्रदूषण भी बढ़ता है. इसलिए अब वैकल्पिक ईंधन और बायो-फ्यूल को बढ़ावा देना जरूरी हो गया है. गडकरी ने कहा कि अगले साल 1 अप्रैल से लागू होने वाले CAFE III नियमों का इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. इसका मतलब है कि भविष्य में इन वाहनों को बढ़ावा मिलेगा.

ग्रीन हाइड्रोजन पर जोर

उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य का फ्यूल बताया. लेकिन इसके लिए लागत कम करना और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना जरूरी है. गडकरी ने कहा कि भारत को 1 किलो हाइड्रोजन की लागत 1 डॉलर तक लानी होगी, तभी देश एनर्जी एक्सपोर्टर बन सकेगा. उन्होंने यह भी कहा कि हाइड्रोजन का उत्पादन कचरे से किया जाना चाहिए. गडकरी ने कहा कि देश में सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा देने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. साथ ही पेट्रोल और डीजल वाहनों के इस्तेमाल को कम करना होगा. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि लोगों को जबरदस्ती इन वाहनों को छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता.

सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों पर गडकरी ने कहा कि पेट्रोलियम सेक्टर एथेनॉल ब्लेंडिंग के खिलाफ लॉबिंग कर रहा है. उन्होंने ऑटो कंपनियों से अपील की कि वे लागत कम करने के बजाय क्वालिटी पर ध्यान दें, ताकि भारतीय कंपनियां ग्लोबल मार्केट में अपनी मजबूत पहचान बना सकें.
 

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