नई कार खरीद रहे हैं, तो जरूर करें ये काम, वरना लगाना पड़ेगा सर्विस सेंटर का चक्कर

कार खरीद रहे हैं, तो आपको कुछ चीजों को कार की डिलीवरी लेने से पहले चेक कर लेना चाहिए. इन्हीं चेकपॉइंट्स को पीडीआई यानी प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन में चेक किया जाता है. अगर आपने ठीक तरीके से इन चीजों को कार की डिलीवरी लेने से पहले चेक नहीं किया, तो आपको बार-बार सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.

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नई कार खरीदते वक्त PDI करना बहुत ही जरूरी होता है. (Photo: Hyundai) नई कार खरीदते वक्त PDI करना बहुत ही जरूरी होता है. (Photo: Hyundai)

आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 29 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:39 AM IST

नई कार खरीदना अपने लिए एक चीज खरीदना नहीं होता है. बल्कि कई लोगों के लिए अपना सपना पूरा करना होता है. ये सिर्फ पेपरवर्क और पेमेंट तक सीमित नहीं होता है. इसका एक जरूरी पहलू पीडीआई भी होता है. पीडीआई यानी प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन, अपने नाम से ही अपने काम के बारे में बता रहा है. ये एक ऐसा कदम होता है, जिसे कार की डिलीवरी लेने से पहले किया जाता है. 

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पीडीआई में चेक किया जाता है कि आप जिस कार को खरीद रहे हैं वो परफेक्ट कंडीशन में है या नहीं. अगर आपको पीडीआई करने नहीं आती है, तो हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं. सबसे पहले तो समझना होगा कि आपको शुरू कहा से करना है. 

कहां से करें शुरुआत

पहला कदम होता है कार का एक्सटीरियर चेक करने का. सबसे पहले आपको कार की पेंट फिनिश को चेक करना चाहिए. आप दिन के उजाले में चेक करेंगे, तो कार पर मौजूद स्क्रैच, डेंट या रिपेंट आसानी से नजर आ जाएंगे. इसके अलावा यूनिफॉर्म पैनल गैप्स चेक करने चाहिए. इसके अलावा हेडलाइट्स, टेल लैम्प्स, ओआरवीएम और एलॉय व्हील्स को भी चेक जरूर करें. 

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इंटीरियर में क्या चेक करें?

एक्सटीरियर चेक करने के बाद आपको इंटीरियर की तरफ बढ़ना होगा. कैबिन में आपको अपहोल्स्ट्री, डैशबोर्ड और दूसरी जगहों पर कैबिन में डैमेज को जरूर चेक करना चाहिए. इसके अलावा आपको सभी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स को जरूर चेक करना चाहिए.

कार खरीदने से पहले इंफोटेनमेंट सिस्टम, टचस्क्रीन, पावर विंडो, सेंट्रल लॉकिंग और एसी को भी चेक करना चाहिए. ये भी ध्यान दें कि कार के इंस्ट्रूमेंटल कल्स्टर पर कोई वॉर्निंग साइन ना नजर आ रहा हो. 

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डॉक्यूमेंट्स में क्या चेक करना चाहिए

साथ ही व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर और इंजन नंबर को व्हीकल के डॉक्यूमेंट्स से जरूर मैच करें. इसके अलावा कार की मैन्युफैक्चरिंग डेट का भी ध्यान रखें. अगर कार ज्यादा पुरानी है, तो आप डीलर्स से कीमत कम करने के लिए कह सकते हैं. इन सभी का ध्यान रखकर आप ना सिर्फ कार की ऑथेंटिसिटी को चेक कर सकते हैं. बल्कि मॉडल नया है ये भी आपको पता चलेगा. 

सामान्य रूप से आपको इन सभी चीजों का ध्यान रखना चाहिए. इसके अलावा इंजन बे में ऑयल लीक, लूज वायरिंग या कोई चीज गड़बड़ तो नहीं है, ये चेक करना चाहिए. टायर या व्हीकल्स की कंडीशन को चेक करें. टायर्स की मैन्युफैक्चरिंग डेट को साइडवॉल पर चेक करें. ये भी एक जरूरी पहलू है.

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फाइनल डिलीवरी से पहले सभी एक्सेसरीज को चेक कर लें, जो डीलर ने वादा किया था. अगर आप खुद से पीडीआई नहीं कर पा रहे हैं, तो इसके लिए किसी एजेंसी को हायर कर सकते हैं. कई ऐसी एजेंसियां हैं, जो मामूली खर्च पर आपकी कार की पीडीआई करती हैं.

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