क्या E20 पेट्रोल में लगती हैं चीटियां... वायरल VIDEO पर आया BPCL का जवाब

E20 (पेट्रोल में 20% इथेनॉल की ब्लेंडिंग) फ्यूल एक बार फिर चर्चा में है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि, इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल के इस्तेमाल से कार के फ्यूल कैप पर चीटिंयां लग रही हैं. अब इस मामले में BPCL ने क्लियरिफिकेशन दिया है.

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E20 पेट्रोल में चीटियों का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. Photo: ITG E20 पेट्रोल में चीटियों का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. Photo: ITG

आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 18 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:55 AM IST

E20 Petrol Ants Viral Video: E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के कारण वाहनों के फ्यूल कैप के आसपास चींटियां जमा हो रही हैं. देखते ही देखते यह बात हजारों लोगों तक पहुंच गई और कई वाहन मालिकों के मन में सवाल भी खड़े हो गए. लेकिन क्या सचमुच E20 पेट्रोल में ऐसा कुछ है जो चींटियों को आकर्षित करता है? या फिर यह सिर्फ एक और वायरल अफवाह है? अब इस पूरे मामले पर BPCL ने वैज्ञानिक तथ्यों के साथ जवाब दिया है और साफ कहा है कि E20 पेट्रोल को चींटियों से जोड़ने वाले दावों का कोई आधार नहीं है.

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क्या है मामला

बीते दिनों E100 फ्यूल को कानूनी मंजूरी मिलने के बाद सोशल मीडिया पर इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर तमाम तरह के पोस्ट किए जाने लगें. उन्हीं में से एक वीडियो ऐसा भी था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि, इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल यानी E20 फ्यूल के इस्तेमाल के चलते कार के फ्यूल कैप के आस-पास चीटियां जमा हो रही हैं. लोगों का मानना था कि, ऐसा इसलिए है क्योंकि इथेनॉल गन्ने से बनता है. देखते ही देखते ये वीडियो तेजी से वायरल हो गया.

कहा जा रहा है कि जिन वाहनों में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जा रहा है, उनके फ्यूल फिलर कैप के आसपास चींटियां जमा हो रही हैं. अब इस दावे पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और इसे पूरी तरह से गलत बताया है.

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BPCL ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर चल रहे दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. BPCL के अनुसार, पेट्रोल में मिलाया जाने वाला फ्यूल-ग्रेड इथेनॉल स्पेशल प्रोसेस से तैयार किया जाता है. इसे फर्मेंटेशन और डिस्टिलेशन तकनीक के जरिए बनाया जाता है, जिससे फाइनल प्रोडक्ट में किसी भी प्रकार की शर्करा (चीनी) नहीं बचती है.

कंपनी ने बताया कि फ्यूल इथेनॉल में डिनैचुरेंट्स मिलाए जाते हैं, जो कीड़ों और कीट-पतंगों को दूर रखने का काम करते हैं. ऐसे में इथेनॉल में कोई ऐसा तत्व मौजूद नहीं होता जो चींटियों को आकर्षित कर सके. BPCL के अनुसार, जब इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाया जाता है तो पेट्रोल की हाइड्रोकार्बन बेस्ड स्मेल (गंध) ही प्रमुख रूप से बनी रहती है. इथेनॉल की कोई अलग गंध इतनी प्रभावी नहीं होती कि वह चींटियों या अन्य कीड़ों को आकर्षित कर सके.

E20 पेट्रोल में कम बनता है फ्यूल वेपर

कंपनी ने यह भी कहा कि इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल में ट्रेडिशनल पेट्रोल की तुलना में फ्यूल वेपर यानी ईंधन वाष्प कम बनता है. इसलिए भी ऐसा कोई कारण नहीं है जिससे चींटियां वाहन के फ्यूल कैप के आसपास जमा हों. BPCL ने साफ शब्दों में कहा है कि E20 पेट्रोल और चींटियों के बीच किसी भी तरह का संबंध साबित करने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है. कंपनी का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे ऐसे दावे पूरी तरह निराधार हैं और लोगों को इन पर भरोसा नहीं करना चाहिए.
 

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