जापान में साध्वी ने सीएम योगी को जो मूर्ति गिफ्ट में दी उसका खास है महत्व

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापान के दौरे पर हैं जहां उनका भव्य स्वागत हो रहा है. इस दौरान जैन श्वेतांबर साध्वी तुलसी ने उनसे मुलाकात की, जिन्होंने सीएम योगी को जैन तीर्थंकर महावीर स्वामी की प्रतिमा भेंट की. साध्वी ने हिंदुत्व की सहिष्णुता और तीर्थंकरों की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार पर चर्चा की.

Advertisement
जापान में जैन साध्वी तुलसी ने सीएम योगी को महावीर स्वामी की प्रतिमा भेंट की जापान में जैन साध्वी तुलसी ने सीएम योगी को महावीर स्वामी की प्रतिमा भेंट की

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:10 PM IST

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ इस वक्त जापान के दौरे पर हैं. यहां उनका हर जगह भव्य स्वागत हो रहा है साथ ही उनके संबोधनों-भाषणों में भी लोग दिलचस्पी ले रहे हैं. गेरुआ कपड़े पहने, हिंदुत्व की बात करते हुए और अपने शासन-प्रशासन के अनुभवों का साझा करते हुए सीएम योगी को लोग हाथों-हाथ ले रहे हैं.

जैन साध्वी ने की सीएम योगी से मुलाकात
जापानी लोगों में उनके लिए दिलचस्पी इस बात को लेकर भी देखी जा रही है कि कैसे एक संत एक प्रदेश का मुखिया होते हुए भी जमीनी स्तर पर सनातन से जुड़ा है और संस्कृति को भी विकास के साथ संरक्षण देते हुए चल रहा है. इसी कड़ी में जापान के अध्यात्म से जुड़े लोग भी उनसे मिल रहे हैं. गुरुवार को एक पब्लिक प्रोग्राम के दौरान जैन श्वेतांबर पंथ की एक साध्वी ने सीएम योगी से मुलाकात की और उन्हें जैन परंपरा के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी की प्रतिमा भेंट की.

Advertisement

तीर्थंकर महावीर स्वामी की प्रतिमा भेंट की
सीएम योगी गुरुवार को टोक्यो में आयोजित एक पब्लिक प्रोग्राम में पहुंचे. यहां जैन श्वेतांबर परंपरा की एक साध्वी तुलसी ने उनसे खास मुलाकात की और जापान में आने के लिए योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया. उन्होंने उनसे मुलाकात के प्रतीक के तौर पर उन्हें जैन परंपरा के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी की प्रतिमा भेंट की, जिसे योगी आदित्यनाथ ने आभार के साथ स्वीकार किया. साध्वी तुलसी ने कहा कि वह जैन परंपरा में विश्वास रखती हैं, यहां जापान में तीर्थंकरों की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार में लगी हैं. इसके साथ ही वह हिंदुत्व की सहिष्णुता की बात को भी लोगों में पहुंचाती हैं. 

साध्वी ने यह भी इच्छा जताई कि वह भारत आकर वहां जैन तीर्थों का भ्रमण करना चाहती हैं. वह पहले भी भारत आ चुकी हैं, लेकिन तब उत्तर प्रदेश इतना सेफ नहीं था, जबसे योगी आदित्यनाथ यूपी के सीएम बने हैं तब से लड़कियों के लिए प्रदेश बहुत सुरक्षित हुआ है. इसलिए वह उनसे (सीएम योगी आदित्यनाथ) से भी मिलने की इच्छा रखती थीं, लेकिन अब उनसे यहीं मुलाकात हो गई, लेकिन इस मुलाकात के बाद उनकी भारत आने की इच्छा और बढ़ गई है. 

Advertisement

इस दौरान एक छोटे बच्चे नेमिष ने सीएम योगी दंडवत किया और संस्कृत श्लोक सुनाए. साध्वी तुलसी ने बताया कि इस बच्चे का नाम भगवान नेमिनाथ के नाम पर नेमिष रखा गया है.

क्या है प्रतिमा का महत्व?
महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर रहे हैं. उनका जन्म लगभग 599 ईसा पूर्व वैशाली के कुंडलपुर या कुंडिनपुर (वर्तमान बिहार) में हुआ माना जाता है. उनके बचपन का नाम वर्धमान था. 30 वर्ष की आयु में उन्होंने राजसी जीवन त्यागकर सत्य और आत्मज्ञान की खोज शुरू की. लगभग 12 वर्ष की कठोर तपस्या के बाद उन्हें कैवल्य ज्ञान प्राप्त हुआ.

महावीर स्वामी ने अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह के सिद्धांतों का उपदेश दिया. उनका मानना था कि हर जीव में आत्मा है और किसी को भी कष्ट पहुंचाना पाप है. उन्होंने समानता, करुणा और आत्मसंयम पर आधारित जीवन जीने की प्रेरणा दी. 72 वर्ष की आयु में पावापुरी में उन्होंने निर्वाण प्राप्त किया. उनका संदेश आज भी शांति और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement