तुलसी का पौधा सिर्फ पूजा के लिए नहीं, बल्कि आयुर्वेद में भी एक औषधीय दवा के तौर पर उपयोगी माना जाता है. लगभग हर भारतीय घर में तुलसी का पौधा लगाया जाता है. घने कोहरे और ठंड के मौसम में तुलसी के पौधे की देखभाल करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण होता है. ज्यादा नमी, कम धूप और ठंडी हवा की वजह से तुलसी के पौधे की पत्तियां पीली पड़ जाती हैं, उन पर फंगस लग जाता है और पौधा मुरझाने लगता है. ऐसे में हल्दी का एक घरेलू नुस्खा तुलसी के पौधे को नया जीवन दे सकता है. हल्दी प्राकृतिक तरीके से फंगस को रोकती है और पौधे को मजबूत बनाती है.
कोहरे में तुलसी को नुकसान क्यों होता है?
कोहरे की वजह से हवा में बहुत नमी रहती है. यह नमी मिट्टी में ज्यादा देर तक रहती है, जिससे जड़ें सड़ सकती हैं. धूप कम मिलने से पौधा ठीक से खाना नहीं बना पाता.साथ ही फंगस लगने से पत्तियों पर सफेद-काले धब्बे पड़ जाते हैं और तना कमजोर हो जाता है.
तुलसी के लिए हल्दी फायदेमंद कैसे है?
हल्दी को प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटीफंगल माना जाता है. हल्दी में करक्यूमिन नाम का तत्व होता है जो प्राकृतिक रूप से बैक्टीरिया और फंगस को मारता है. इससे पौधे की बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है.
हल्दी का सही इस्तेमाल कैसे करें?
तुलसी के लिए हल्दी का प्रयोग बहुत सरल है लेकिन मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. एक गिलास गुनगुने पानी में एक चुटकी हल्दी मिलाएं. इस पानी को अच्छे से घोल लें ताकि हल्दी नीचे न बैठे. हफ्ते में एक बार इस पानी को तुलसी की जड़ में धीरे-धीरे डालें. ध्यान रखें कि मिट्टी पहले से बहुत ज्यादा गीली न हो. अगर आप चाहें तो सूखी हल्दी का पाउडर भी सीधे इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए एक चुटकी हल्दी पाउडर मिट्टी के ऊपर छिड़कें. फिर हल्के हाथ से मिट्टी को खुरच कर मिला दें.
इनमें से कोई भी तरीका नियमित अपनाने से 10-15 दिनों में आपको फर्क दिखने लगेगा. पत्तियां फिर से हरी और चमकदार हो जाएंगी. साथ ही नई पत्तियां भी आएंगी और पौधा मजबूत हो जाएगा.
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