मारे गए अलकायदा नेता अनवर अल-अवलाकी को हिंसक जिहाद में सहायता पहुंचाने और उसे वित्तीय मदद मुहैया कराने के अपराध में एक संघीय अमेरिकी अदालत ने चार लोगों को अभियुक्त करार दिया है. इन चार लोगों में से एक भारतीय और दूसरे व्यक्ति को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि इनमें से दो संयुक्त अरब अमीरात में हैं.
अभियुक्त घोषित व्यक्तियों में दो भारतीय हैं जिनकी पहचान याहया फारूक मोहम्मद (37) और उसके भाई इब्राहिम जुबैर मोहम्मद (36) के रूप में हुई है. दूसरे दो आसिफ अहमद सलीम (35) और उसका भाई सुल्तान रूम सलीम (40) हैं.
‘फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन’ ने गुरूवार को इब्राहिम को टेक्सास में गिरफ्तार किया. वह टेक्सास में ही रहता था जबकि सुल्तान को ओहियो से पकड़ा गया. इब्राहिम का भाई याहया संयुक्त अरब अमीरात में रहता है जबकि सुल्तान का भाई आसिफ भी संयुक्त अरब अमीरात में ही रहता है.
आतंकवादियों को सामग्री एवं संसाधन मुहैया कराकर उनका सहयोग करने और साजिश रचने के आरोप में सभी चारों व्यक्तियों पर अभियोग लगाया गया है. सुल्तान का प्रतिनिधित्व कर रही अटॉर्नी कादरी शेरिफ ने बताया कि उसने खुद को बेकसूर बताया है.
शेरिफ ने पीटीआई को फोन पर बताया, 'सलीम ने खुद को बेगुनाह बताया है. मामला उसके और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है और अब इसे साबित करने के लिए दस्तावेज और साक्ष्य पेश करना वकीलों का जिम्मा है.'
शेरिफ ने बताया कि वह केवल सुल्तान सलीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. यह ज्ञात नहीं है कि संघीय अदालत में अन्य तीनों व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व कौन कर रहा है. एफबीआई और ना ही न्याय विभाग के किसी अधिकारी ने मामले में फोन या ईमेल का जवाब दिया.
ओहियो में एक स्थानीय दैनिक ‘द टोलेडो ब्लेड’ के मुताबिक, याहया एक भारतीय नागरिक है जिसने 2002 से 2004 तक ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. उसने 2008 में एक अमेरिकी महिला से शादी की. 2004 से वह संयुक्त अरब अमीरात में रह रहा है.
अखबार के मुताबिक, इब्राहिम भी भारतीय नागरिक है और उसने 2001 से 2005 तक यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉइस उरबाना-शैम्पेन से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. 2006 में वह टोलेडो आ गया और एक अमेरिकी नागरिक से शादी कर 2007 में देश का स्थायी निवासी बन गया.
असिफ एक अमेरिकी नागरिक है और उसने ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी से 2000 और 2005 के दौरान पढ़ाई की थी. 2007 में वह कनसास, ओवरलैंड पार्क का निवासी बना. उसका भाई सुल्तान भी एक अमेरिकी नागरिक है और कोलंबस क्षेत्र का रूख करने तक वह 2006 से 2012 में शिकागो क्षेत्र में रहता था.
दैनिक के मुताबिक, अमेरिकी अटॉर्नी की सहायक मैथ्यू शेफर्ड ने अदालत को बताया कि सलीम के खिलाफ लगे दो आरोपों में उसे 15 साल जेल की सजा जबकि तीसरे आरोप में उसे 20 साल जेल की सजा हो सकती है.
72 पृष्ठ के आरोप पत्र में यह कहा गया है कि विगत दिनों में इन चारों व्यक्तियों से एफबीआई ने कई बार पूछताछ की और उन्होंने संघीय जांच एजेंसी से झूठ बोला. अल-अवलाकी 2011 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया.