
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को लेकर ये चर्चा तेज हो गई है कि वे अब राजधानी तेहरान में अपने आधिकारिक कार्यालय से नहीं, बल्कि किसी बंकर या गुप्त सुरक्षित स्थान से काम कर रहे हैं. इन अटकलों को और हवा दी है उनके हालिया वीडियो संदेश ने जो 18 जून को जारी किया गया.
इस वीडियो की तकनीकी जांच में कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जो बताते हैं कि यह आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले हाई-क्वालिटी सेटअप से नहीं बल्कि किसी अस्थायी और कम संसाधनों वाले माहौल में शूट किया गया है.
क्या बदला है वीडियो में
इस बार खामेनेई ने हाई-एंड स्टैंड माइक की बजाय छोटा लैपल माइक इस्तेमाल किया है.
वीडियो की क्वालिटी सामान्य से कम है और यह काफी कंप्रेस्ड दिख रहा है.
जहां उनके पहले वीडियो तेज और साफ हुआ करते थे, इस बार की रिकॉर्डिंग फीकी और साधारण नजर आ रही है.
टेक्निकल तुलना समझिए
10 जून का वीडियो: 3 मिनट 50 सेकंड लंबा था, साइज 24 MB, वीडियो बिटरेट 892 kbps और ऑडियो क्वालिटी 95.4 kbps
18 जून का वीडियो: 9 मिनट लंबा होने के बावजूद साइज केवल 18 MB, वीडियो बिटरेट गिरकर 256 kbps और ऑडियो सिर्फ 2.4 kbps

इस भारी तकनीकी गिरावट ने एक्सपर्ट्स को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि शायद यह वीडियो किसी बंकर जैसे सुरक्षित स्थान पर बनाए गए कम संसाधनों वाले सेटअप से रिकॉर्ड किया गया हो.
क्यों जरूरी है यह सवाल
मध्य-पूर्व में ईरान की भूमिका और हालिया तनावपूर्ण स्थितियों को देखते हुए यह संभावना बनी हुई है कि सुरक्षा कारणों से खामेनेई को स्थानांतरित किया गया हो. यदि वे सच में किसी भूमिगत या विशेष सुरक्षा वाले स्थान से काम कर रहे हैं तो ये ईरान की आंतरिक स्थिति को लेकर बड़ा संकेत हो सकता है. फिलहाल ईरान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन वीडियो के तकनीकी पहलुओं ने ज़रूर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.