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ब्रिटेन में दंगे के बाद कैसे हैं हालात? हिन्दू कारोबारियों ने सुनाई आपबीती

ब्रिटेन के लेस्टर में दो समुदायों में तनाव की वजह से वहां रहने वाले आम लोगों में खौफ का माहौल बन गया है. हालांकि, पुलिस इस मामले में लगातार एक्शन ले रही है, लेकिन इसके बावजूद लोगों के मन से डर नहीं निकल रहा है.

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यूके के लेस्टर में नहीं थम रहा दो समुदायों में तनाव यूके के लेस्टर में नहीं थम रहा दो समुदायों में तनाव

ब्रिटेन के लेस्टर शहर में दो समुदायों में तनाव की आग ने सौहार्द को जलाकर खौफ फैला दिया है. आलम ये है कि चाहे आम हिंदू हो या मुसलमान, खुद या अपने बच्चे को भी घर से बाहर निकालने में डर रहा है. कारोबारी अपने काम को शुरू नहीं कर पा रहे हैं, मन में डर है कि कभी कोई भीड़ आकर उन पर हमला न कर दे. मंदिर में तोड़फोड़ के बाद से माहौल और ज्यादा गर्म है. पुलिस ने शहर के कई इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया है, फिर भी लोगों के मन से डर नहीं निकल रहा है. 

लेस्टर में एक वेज रेस्टोरेंट चलाने वाले जय पटेल के मुताबिक, बीते शनिवार की शाम उनके रेस्टोरेंट में करीब 80 लोग डिनर के लिए आए थे. इन सभी में परिवार, कपल और एक स्थानीय नेता भी शामिल थे. तभी अचानक उस इलाके से लोगों की भीड़ मार्च करते हुए वहां से गुजरी. भीड़ में करीब 100 लोग रहे होंगे, जिनमें अधिकतर लोगों ने चेहरे को मास्क से छिपाया हुआ था और काले कपड़े पहने हुए थे. 

इनमें कुछ लोगों के पास हथियार भी मौजूद थे, जो काफी भयानक नजारा था. भीड़ की वजह से इतना खौफ मन में आ गया कि रेस्टोरेंट की सभी लाइटें बंद कर दी गईं और पर्दे डाल दिए गए. जय पटेल कहते हैं कि वाकई वह समय हमारे लिए काफी ज्यादा डरावना था.

जय पटेल ने बताया कि तभी के बाद से रेस्टोरेंट के अगले सभी रिजर्वेशन कैंसिल हो गए. जय पटेल ने आगे कहा कि लोग अपनी टेबल का रिजर्वेशन कैंसिल कर रहे हैं और भीड़ वाली घटना को लेकर बोल रहे हैं कि अब हम वहां नहीं आना चाहते हैं. 

लेस्टर में यह सब वाकई डराने वाला है

वहीं जिस मंदिर में भीड़ ने तोड़फोड़ की, उसके सामने एक दुकान चलाने वाले 45 वर्षीय किशोर चौहान इस बारे में कहते हैं कि पिछले 45 साल में लेस्टर में ऐसा कुछ नहीं हुआ है. किशोर चौहान कहते हैं कि यह सब काफी डराने वाला है और ऐसा पहली बार है, जब ऐसा नस्लीय दंगा लेस्टर में हुआ हो.

किशोर चौहान की सबसे बड़ी परेशानी आने वाला त्योहारी महीना है, दंगे-फसाद की वजह से जिसके फीके पड़ने का डर है. किशोर चौहान का मानना है कि हाल ही में हुई घटना की वजह से लोग इस इलाके में आना छोड़ देंगे. जबकि सोमवार से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और दिवाली का त्योहार भी 24 अक्टूबर को ही है. 

किशोर चौहान ने कहा कि वे आशा करते हैं कि दोनों समुदाय समझें और इस झगड़े को रोक दें, क्योंकि अगर यह त्योहारी सीजन में भी चलता रहा तो कारोबार ठप हो जाएगा. कारोबार के अलावा भी तनाव के शांत होने की जरूरत है, क्योंकि इससे लेस्टर का नाम खराब होगा और बाहरी लोग यहां आने से डरेंगे, जिससे लेस्टर अपनी चमक कहीं खो देगा, जो अभी बनी हुई है. 

शांत लेस्टर में ऐसा उग्र तनाव कैसे फैला ? 
लेस्टर एक ऐसी जगह है, जहां दशकों से भारत और पाकिस्तानी मूल के हिंदू और मुस्लिम लोग एक साथ रह रहे हैं. भारत और पाकिस्तान जैसे मैचों के दौरान थोड़ी बहुत तनातनी जरूर हो जाती थी, लेकिन यह कभी तनाव का रूप नहीं लेता था. लेकिन 28 अगस्त को जो भारत और पाकिस्तान का मैच हुआ, उससे माहौल काफी बिगड़ गया. 

तनाव उस समय और ज्यादा फैल गया, जब लोगों की एक भीड़ शहर में मौजूद शिव मंदिर तक पहुंची और तोड़फोड़ कर डाली. इतना ही नहीं, एक शख्स ने मंदिर की दीवार पर चढ़कर ऊपर लगे भगवा झंडे को भी नीचे उतारकर फेंक दिया. मंदिर वाली घटना को लेकर भारत की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया जताई गई.

तनाव के बीच पुलिस का क्या एक्शन 
लेस्टर पुलिस इस मामले में लगातार एक्शन मोड में है और अभी तक इस तनाव से जुड़े 47 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें कुछ लोगों को हथियार रखने के आरोप में जेल भी भेज दिया गया है. वहीं पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर लोग ध्यान न दें. वहीं पुलिस ने तनाव प्रभावित इलाकों में ज्यादा फोर्स लगा दी है. संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है. 

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