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11 साल की बच्ची ने टीचर की सजा को बताया युद्ध अपराध, VIRAL हुआ फीडबैक

स्कूल में सजा मिलना एक स्टूडेंट के लिए कोई बड़ी बात नहीं है. लेकिन ब्रिटेन में एक 11 साल की बच्ची ने अपने टीचर्स को इस मुद्दे पर नसीहत दे डाली. बच्ची ने लिखा कि टीचर्स के द्वारा दी जाने वाली सामूहिक सजा, युद्ध अपराध है. बच्ची का यह पोस्ट उसके पिता ने ट्वीट किया है, जिसके बाद यह वायरल हो रहा है.

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इस बच्ची ने टीचर्स की सजा पर उठाए सवाल
इस बच्ची ने टीचर्स की सजा पर उठाए सवाल

स्कूल में सजा मिलना एक स्टूडेंट के लिए कोई बड़ी बात नहीं है. लेकिन ब्रिटेन में एक 11 साल की बच्ची ने अपने टीचर्स को इस मुद्दे पर नसीहत दे डाली. बच्ची ने लिखा कि टीचर्स के द्वारा दी जाने वाली सामूहिक सजा, युद्ध अपराध है. बच्ची का यह पोस्ट उसके पिता ने ट्वीट किया है, जिसके बाद यह वायरल हो रहा है.

दरअसल, स्कूल में फीडबैक के दौरान यह पूछा गया कि उनके टीचर और क्या बेहतर कर सकते हैं? जिसके बाद एवा ने लिखा कि 'स्टूडेंट को सामूहिक सजा नहीं देनी चाहिए क्योंकि यह उन लोगों के साथ अन्याय होता है जिन्होंने कुछ गलत नहीं किया होता और 1949 के जिनेवा संधि के तहत यह युद्ध अपराध है.' बता दें कि संघर्षों के दौरान युद्ध अपराधों और युद्ध बंदियों के साथ किए जाने वाले व्यवहार से संबंधित है.

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एवा के पिता ने ट्विटर पर अपनी बेटी की इस मासूमियत भरी बात को शेयर किया तो एक लाख से ज्यादा लोगों ने इसे रीट्वीट किया और उन्हें अपनी सलाह भी दी. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि 'मेरी बेटी ने स्कूल में अपने फीडबैक में वास्तव में यह बात लिखी है. मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि इसके लिए उसे सजा दूं या उसे आइसक्रीम खरीद कर दूं.'

खिलाई आइसक्रीम

इस ट्वीट के वायरल होने के बाद लोगों ने बच्ची के पिता को सलाह दी, कि उन्हें उसे आइसक्रीम खिलाने चाहिए. बाद में पिता ने अवा के फोटो के साथ एक और ट्वीट किया जिसमें वह अपने दोनों हाथों में पकड़े नजर आ रही है. ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'लोगों ने अपनी बात कह दी है।'

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