
लखनऊ में डिलीवरी बॉय भरत कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी आकाश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में उसने बताया कि जब भरत ऑनलाइन ऑर्डर किए गए मोबाइल की डिलीवरी देने आया था, तभी उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी. इस वारदात में उसके साथ मुख्य आरोपी गजाजन भी शामिल था. हालांकि, वो अभी तक फरार है.
इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीसीपी ईस्ट शशांक सिंह ने बताया- फ्लिपकार्ट के एक डिलीवरी एजेंट भरत कुमार की गुमशुदगी की रिपोर्ट 26 सितंबर को फ्लिपकार्ट के प्रतिनिधि आदर्श कोष्ठा ने थाना चिनहट में दर्ज कराई थी. जांच के दौरान डिलीवरी एजेंट की लास्ट लोकेशन, डिलीवर किए गए ऑर्डर की संख्या और डिलीवर होने वाले ऑर्डर की संख्या संदिग्ध पाई गई. जिसपर हमने कंपनी से उसका पूरा विवरण निकलवाया. साथ ही संदिग्ध लोगों से पूछताछ शुरू की.

डीसीपी ने आगे बताया कि इस बीच आकाश शर्मा नाम के शख्स को पुलिस ने उठा लिया. जब गंभीरता से पूछताछ की गई तो आकाश ने बताया कि उसने और उसके दोस्त गजानन ने अपने एक दोस्त हिमांशु के फोन से दो मोबाइल ऑनलाइन ऑर्डर किए थे. एक- गूगल पिक्सल था और दूसरा- वीवो का था. दोनों मोबाइल की कुल कीमत 90000 रुपये के करीब थी. पेमेंट डिलीवरी के बाद करना था. क्योंकि, दोनों मोबाइल कैश ऑन डिलीवरी ऑप्शन के जरिए ऑर्डर किए गए थे.
जब डिलीवरी बॉय भरत कुमार दोनों मोबाइल लेकर गजानन के घर पहुंचा तो उसने बिना पेमेंट किए ही मोबाइल हड़पने का प्लान बनाया. लेकिन भरत ने इसका विरोध किया. जिसपर गजानन और आकाश ने लैपटॉप के चार्जर से उसका गला घोंट दिया फिर शव को उसी के फ्लिपकार्ट वाले बैग में भरकर वैगनआर कार से करीब 10-12 किमी दूर इंदिरा नहर में फेंक दिया.

गौरतलब है कि इस वारदात को हफ्ते भर हो गए हैं लेकिन अभी तक मृतक भरत कुमार का शव नहर से बरामद नहीं हुआ है. फिलहाल, पुलिस द्वारा शव की तलाश के प्रयास जारी हैं. NDRF, SDRF और स्थानीय गोताखोरों लगाए हैं. हालांकि, हत्यारोपियों द्वारा जिन दो मोबाइल फोन का ऑर्डर दिया गया था, वो बरामद कर लिए गए हैं.
सूत्रों के अनुसार, लखनऊ के चिनहट इलाके में डिलीवरी बॉय भरत कुमार की हत्या 24 सितंबर की दोपहर में की गई थी. दो से तीन घंटे तक आरोपी लाश घर में रखे रहे. फिर देर शाम कार में लाश रखकर 10-12 किलोमीटर दूर ले गए और उसे नहर में फेंक दिया. इस दौरान किसी को जरा भी भनक नहीं लगी.