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इटावा: किशोरी की मौत के बाद नहीं मिली अस्पताल की एंबुलेंस, ई-रिक्शा पर शव लेकर गए परिजन

इटावा के मनियांमऊ गांव की 14 वर्षीय किशोरी की मौत के बाद परिजन उसे अस्पताल से घर ले जाने के लिए शव वाहन नहीं मिलने पर ई-रिक्शा का उपयोग करने को मजबूर हुए. डॉक्टर ने किशोरी को मृत घोषित किया. घटना ने अस्पताल की एंबुलेंस सेवा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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संदिग्ध परिस्थितियों में किशोरी की मौत (Photo: Amit Kumar Tiwari/ITG)
संदिग्ध परिस्थितियों में किशोरी की मौत (Photo: Amit Kumar Tiwari/ITG)

इटावा के इकदिल थाना क्षेत्र के ग्राम मनियांमऊ में 14 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. शुक्रवार को परिजन उसे बुखार और तबीयत बिगड़ने के कारण प्राइवेट क्लीनिक से इलाज कराने के बाद बकेवर स्थित पचास शैय्या अस्पताल ले गए.

डॉक्टर अजय मौर्य, चिकित्सा अधीक्षक, ने किशोरी को मृत घोषित किया. परिजन शव वाहन की उपलब्धता न होने के कारण किशोरी का शव ई-रिक्शा में रखकर अपने घर ले गए. डॉक्टर अजय मौर्य ने बताया कि शव वाहन को बुलाने में अत्यधिक समय लग रहा था, इसलिए परिजन ने ऐसा कदम उठाया.

संदिग्ध परिस्थितियों में हुई किशोरी की मौत 

शिव दयाल, किशोरी के पिता, ने कहा कि उनकी पुत्री मया पिछले कुछ समय से बीमार थी और प्राइवेट क्लीनिक से उसका इलाज चल रहा था. शुक्रवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया.

शव ले जाने के लिए नहीं मिली अस्पताल की एंबुलेंस

घटना ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल की एंबुलेंस सेवा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. परिजनों का कहना है कि समय पर शव वाहन उपलब्ध नहीं होने से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा. अस्पताल और प्रशासन ने मामले की जानकारी ली है और भविष्य में ऐसी स्थिति न दोहराने की बात कही है.
 

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