वैज्ञानिकों ने कहा है कि दुनियाभर में मांसाहारी लोगों को परोसे जाने वाले बीफ़, पोर्क और चिकन की जगह अजगर सांप का मांस ज्यादा बेहतर ऑप्शन है. सांपों को खाया जाना बहुत आम नहीं है इसलिए ये थोड़ा अजीब लग सकता है. लेकिन दो फार्मों में अजगरों पर की गई सालों की स्टडी के बाद ये सामने आया है. स्टडी में फूड सोर्स के रूप में सांपों की ग्रोथ को डॉक्युमेंट किया गया है.
पेपर के को - राइटर ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के जूलॉजिस्ट पैट्रिक ऑस्ट ने एबीसी न्यूज़ को बताया- 'ये जीव फूड और विशेष रूप से प्रोटीन के बहुत अच्छे कन्वर्टर हैं. वैज्ञानिकों का तर्क है कि अजगर का बड़ा आकार, तेज ग्रोथ और छोटी जगह की जरूरत को पूरा करने की क्षमता उन्हें हवादार गोदामों में पालने में आसान बनाते हैं.
ये सारी चीजें उसकी कमर्शियल फार्मिंग के लिए सटीक हैं. यह ऐसी चीज़ है जो एशिया में पहले से ही अच्छी तरह से स्थापित है लेकिन अभी तक किसी ने इसपर ध्यान नहीं दिया है.
14 मार्च को साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित अपने पेपर में, वैज्ञानिकों ने कहा कि अजगर सांप का मांस चिकन की तरह हाई प्रोटीन, लो सैचुरेटेड फैट, और एस्थेटिक फूड है. ऑस्ट ने कहा, अजगर सांप चिकन फिलेट की तरह सफेद मांस के दो विशाल टुकड़े पैदा करते हैं.
उन्होंने कहा कि चूंकि ट्रे़डीश्नल लाइवस्टॉक फार्मिंग लड़खड़ाने लगी है, इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि भोजन के लिए नई स्ट्रेटजी पर विचार करने का वक्त आ गया है. स्टडी में कहा गया है कि अजगर सांप का मांस ग्लोबल फूड इंसेक्योरिटी का जवाब हो सकता है, क्योंकि सांपों की बिना खाने के वेट मेंटेन रखने की उनकी क्षमता, कम वेस्टेज और प्रति दिन 42.6 ग्राम तक की तेजी से वृद्धि बड़ा मायने रखती है.
वैज्ञानिकों का दावा है कि बतौर ठंडे खून वाले जीव, वे अपने गर्म खून वाले जीवों की तुलना में 90% अधिक एनर्जी एफीशिएंट हैं. अध्ययन से पता चला है कि वे बहुत तेजी से प्रजनन भी करते हैं, मादा अजगर हर साल 50 से 100 अंडे देने में सक्षम होती हैं.