फिल्म डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा का दीवाली पर किया गया एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. मात्र कुछ घंटों में इस पोस्ट को 13 लाख लोग देख चुके हैं. दीवाली से जुड़े इस पोस्ट में राम गोपाल वर्मा ने भारत में मनाई जाने वाली दीपावली की तुलना गाजा से की है. इस पोस्ट के लिए सोशल मीडिया पर उनकी तीखी आलोचना हो रही है.
दिवाली की रात लगभग 8 बजे डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा ने एक्स पर लिखा, "भारत में केवल एक दिन दिवाली होती है और गाजा में हर दिन दिवाली होती है." इस पोस्ट के साथ उन्होंने फायर इमोजी भी लगाया.
देखते ही देखते रामगोपाल वर्मा का ये पोस्ट वायरल हो गया.
एक यूजर ने रामगोपाल के पोस्ट पर एक प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "तुम्हें इंसान बनने में बरसों लगेंगे. तुम्हें जश्न और तबाही में फ़र्क़ भी नहीं पता."
In INDIA only one day is DIWALI and in GAZA, every day is DIWALI🔥🔥🔥
— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin)
एक दूसरे यूजर ने लिखा, "ध्यान खींचने का घिनौना तरीका. बधाई हो सर्वश्रेष्ठ MF (मॉक्यूमेंट्री फ़िल्म) का पुरस्कार आपको जाता है.
Disgusting way for the ugliest brute to seek attention.
— Dr Abdul Hameed 🩺 (@drabdulhameed07)
Congratulations 👏 the Best MF (mockumentary Film ) award goes to you .
सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए एक दूसरे यूजर ने लिखा, "आपके दिमाग का कचरा देख हैरान हुई, दिवाली का त्योहार आप ऐसे मना रहे हो. तुम अपनी फिल्मों से भी बदतर हो."
Diwali is about hope, light, and renewal.
— Rakhi Tripathi (@rakhitripathi)
Gaza is about survival.
This man doesnt know the difference between celebration and devastation.
Cruel he is.
लेखक अशोक कुमार पांडेय ने भी रामगोपाल वर्मा के इस ट्वीट पर नाराजगी जताई है, उन्होंने लिखा, "कभी नहीं सोचा था कि तुम इस तरह निकलोगे."
Never thought that you will be such a moron. GTH
— Ashok Kumar Pandey अशोक اشوک (@Ashok_Kashmir)
एक व्यक्ति ने लिखा कि गाजा को आपके डार्क ह्यूमर की जरूरत नहीं है. उन्हें मानवता की जरूरत है. युद्ध में कोई उत्सव जैसा माहौल नहीं होता.
So happy to read sensible comments below! This and his movies are filth!
— Free Palestine!!! 🇵🇸🇵🇰🇺🇸🍉🇱🇧 (@just_kiddin_k)
Imagine mocking a genocide just to celebrate a festival. You’ve forfeited the right to be called human. Feel ashamed of your existence.
— Sahil Kazmi | ساحل کاظمی (@sahilkazmi2499)
मानवाधिकार कार्यकर्ता निदा खान यूसुफजई ने लिखा है, "जब कला सहानुभूति खो देती है, तो वह प्रोपगैंडा बन जाती है. गाजा में जलते बच्चों की तुलना पटाखों से करना बुद्धि की नहीं, बल्कि आत्मा की बीमारी को दर्शाता है. बकवास वर्मा!"
Ram Gopal Varma ji please delete the tweet. That creates hate against both Hindus and Muslims. You are not doing any favour to both communities. Creating hatred.
— Vaddepally Praveen 🇮🇳 🕉️ (@VaddepallyPrav)
रामगोपाल वर्मा के इस पोस्ट पर लगभग दो हजार लोग प्रतिक्रिया दे चुके हैं, जबकि ढाई हजार से ज्यादा लोग इसे रीपोस्ट कर चुके हैं.
गाजा की ताजा स्थिति
गाजा पट्टी में अमेरिका-मध्यस्थता वाला नाजुक युद्धविराम अपनी पहली बड़ी परीक्षा से गुजर रहा है. 19 अक्तूबर को ये सीजफायर खत्म होते होते बचा. इस दिन इजरायली हवाई हमलों में 26-29 फिलिस्तीनी मारे गए. युद्धविराम के बीच इजरायल ने ये कार्रवाई तब की जब हमास पर दो इजरायली सैनिकों की हत्या का आरोप लगा. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन का इल्जाम लगा रहे हैं.
गाजा में 7 अक्टूबर 2023 से अबतक 67,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं जबकि 170,000 घायल हुए हैं. यहां पर 78% इमारतें नष्ट हो गई हैं. युद्धविराम के बाद अब हजारों विस्थापित उत्तर गाजा लौट रहे हैं, लेकिन व्यापक तबाही का सामना कर रहे. कुछ स्थानों से इजरायली सैनिकों के खाली करने के बाद हमास और प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच आंतरिक संघर्ष छिड़ गया है. इसमें कई लोग मारे गए हैं.