आदमी की एक ज़िंदगी में न जाने कितनी कहानियां होती हैं. आदमी की ज़िंदगी कहानी ही होती है. कहानी के सिवा और कुछ भी नहीं. जबलपुर के अपने बड़े भैया रवींद्र बाजपेई की छोटी बहन अलका के इस संसार को छोड़ कर चले जाने की खबर मुझे कुछ दिन पहले मिल गई थी. पहले तो मेरी हिम्मत ही नहीं हुई शोक जताने की भी, फिर हम हिम्मत करके गए. आज सुनिए कैंसर की वजह से दुनिया छोड़ चुकी अलका की कहानी...