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क्या है NFT जिसके तहत एक JPEG फाइल 5 अरब रुपये में बेच दी गई? यहां जानें

NFT Explained: हाल ही में ट्विटर फाउंडर जैक डोर्सी ने अपना ट्वीट NFT के तौर पर बेचा है. लेकिन क्या आप जानते हैं ये NFT क्या है? आइए आसान शब्दों में आपको बताते हैं.

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NFT (Getty) NFT (Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • NFT के तहत एक JPEG फाइल 5 अरब में बेची गई
  • जैक डोर्सी ने अपना पहला ट्वीट 21 करोड़ में NFT के तौर पर बेचा

Twitter CEO जैक डोर्सी का पहला ट्वीट हाल ही में 21 करोड़ रुपये से ज्यादा में बिका. लेकिन ये ट्वीट अभी भी जैक डोर्सी के अकाउंट में ही है. ऐसे में इसे खरीदने का क्या मतलब है?

ट्वीट तो पब्लिक डोमेन में है, फिर क्यों और किसने खरीदा? इसका जवाब जानने के लिए आपको पहले ये जानना होगा कि NFT क्या होता है. 

जैक डोर्सी ने अपना ट्वीट NFT के तहत बेचा है. इन दिनों इंटरनेट पर NFT की खूब चर्चा हो रही है. खास कर के क्रिप्टोकरेंसी के साथ ही लोग NFT के बारे में भी बातें कर रहे हैं.

आपमें से कई शायद NFT के बारे में जानते भी होंगे. लेकिन जो नहीं जानते हैं उनके लिए हम आसान शब्दों में बताएंगे कि NFT क्या है? 

1 JPEG फाइल 5 अरब रुपये की!

आप शायद यकीन न करें, लेकिन 1 jpeg इमेज को NFT के तौर पर 69 मिलियन डॉलर में बेचा गया. इसे भारतीय रुपये में तब्दील करें तो करीब 5 अरब रुपये होते हैं. 

दरअसल माइक विंकलमैन नाम के एक डिजिटल आर्टिस्ट ने एक JPEG फाइल तैयार किया. इसे ऑनलाइन ऑक्शन के लिए रखा गया और 69.3 मिलियन डॉलर में बेच दिया गया NFT के तौर पर. 

NFT (Getty)

इस इमेज में क्या था? 

इस JPEG फाइल में उन्होंने एक कोलाज बनाया. इस कोलाज में 2007 से लेकर अब तक जो तस्वीरें उन्होंने पोस्ट की थी उन सब को ऐड कर दिया गया. 2007 से हर दिन पोस्ट किए गए फोटोज को इस कोलाज में प्ले किया गया. इन्होंने इसके लिए जस्टिन बीबर और लूई वित्तॉं के साथ पार्टनर्शिप भी की थी.  

NFT यानी नॉन फंजिबल टोकेन...

NFT का फुल फॉर्म दरअसल Non Fungible Token होता है. इसे कई बार क्रिप्टोकरेंसी के लिए यूज की जाने वाली टेक्नोलॉजी ब्लॉकचेन के साथ भी जोड़ कर देखा जाता है.  

आगे आपको ये भी बताएंगे कि कैसे Twitter पर किए गए पहले ट्वीट को NFT के तहत बेचा गया है. 

Monalisa की पेंटिंग का नाम काफी सुना होगी. दुनिया में वैसी सिर्फ एक ही पेंटिंग है. इसी तरह से कई आर्ट वर्क हैं जो काफी महंगे में बेचे जाते हैं. इसकी वजह ये होती है कि वो दुनिया में सिर्फ एक ही होता है. उसे कोई रिप्लेस नहीं कर सकता है. 

कोई भी ऐसी चीज जो दुनिया में सिर्फ एक ही है उसकी वैल्यू बढ़ जाती है. वो चीज कुछ भी हो सकती है. चाहे वो कोई पेंटिंग हो या फिर आपके पास रखी हुई रेयर घड़ी है. 

दुनिया का एकलौता वर्चुअल प्रोडक्ट...

नॉन फंजिबल का मतलपब भी यही होता है. उदाहरण के तौर पर आपने एक जींस खरीदी, वैसी जींस दुनिया में कई होगी, क्योंकि कंपनी ने सिर्फ एक नहीं बनाया है.

लेकिन इसी तरह अगर ट्विटर पर किए गए पहले ट्वीट की बात करें तो? या फिर किसी ऐसे प्रोडक्ट के बारे में बात करें जो दुनिया में सिर्फ एक ही है. 

Twitter फाउंडर जैक डोर्सी का पहला ट्वीट NFT के तौर पर लगभग 21 करोड़ रुपये में बेचा गया है. इसके लिए बिडिंग की गई थी. ये पहला ट्वीट था - just setting up my twttr. इसे जैक डोर्सी ने 1 मार्च 2006 को पोस्ट किया था. 

NFT को आप डिजिटल ऐसेट के तौर पर भी समझ सकते हैं यानी ये फिजिकल तो नहीं है जिसे आप फील कर सकें या घर पर स्टोर कर सकें. इस ट्वीट को घर पर नहीं रखा जा सकता है, लेकिन इसे डिजिटली ओन किया जा सकता है यानी इस पर आपका हक होगा. 

यह भी पढ़ें - क्या है Blockchain टेक्नोलॉजी जिस वजह से आज Bitcoin इतना पॉपुलर है 

NFT के तहत बेचे जाने के बाद जैक डोर्सी के इस ट्वीट पर इनका कोई हक नहीं है. NFT में फोटोज, वीडियोज क्लिप्स भी शामिल हैं जिन्हें किसी सामान की तरह ही बेचा या खरीदा जा सकता है. आप सोच रहे होंगे कि ये तो ऐसा ही हुआ जैसे किसी फोटो के लिए एजेंसी पैसे लेती है, लेकिन ये उससे अलग है. 

NFT (Getty)

क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉकचेन पर काम करती है और NFT भी ब्लॉकचेन बेस्ड है... 

NFT ब्लॉकचेन पर काम करता है और इससे जुड़े ट्रांजैक्शन भी क्रिप्टोकरेंसी में किए जाते हैं. ब्लॉकचेन एक तरह का डिजिटल लेजर है जैसे बैंकों में होता है, लेकिन ये बैंक से अलग है, क्योंकि ये डिसेंट्रलाइज्ड है.

यहां पूरे ट्रांजैक्शन का लेखा जोखा किसी एक एंटिटी के पास नहीं होता, बल्कि लाखों लोगों के पास होता है जो ब्लॉकचेन में शामिल रहते हैं. 

NFT के तौर पर जैसे ही जैक डोर्सी का ट्वीट खरीदा गया उसके बाद ब्लॉकचेन के जरिए ये वैलिडेट कर लिया गया कि उस ट्वीट का ओनर कौन होगा. ये ट्वीट भले ही ट्विटर पर रहेगा, लेकिन उसके ओनर जैक डोर्सी नहीं रहेंगे. 

रेयर वर्चुअल चीजों की वर्चुअल खरीद फरोख्त -- ब्लॉकचेन बेस्ड... 

मोटे तौर पर कहें तो NFT एक ऐसा तरीका है जिसके जरिए वर्चुअल चीजों की डिजिटल खरीद फरोख्त की जाती है. कोई सामान आपके पास नहीं आता और वर्चुअल चीजें ही खरीदते हैं जो रेयर होती हैं दुनिया में उसका कोई दूसरा विकल्प नहीं होता  है. 

क्रिप्टोकरेंसी की पॉपुलैरिटी के साथ NFT भी पॉपुलर हो रहे हैं, क्योंकि ये भी ब्लॉकचेन पर ही चलता है. 

अगर अभी भी NFT समझने में दिक्कत हो रही है तो आप पहले ये जान लें कि ब्लॉकचेन काम कैसे करता है. इसके लिए आप यहां क्लिक करके हमारा ये आर्टिकल पढ़ सकते हैं. आसान शब्दों में बताने की कोशिश की है कि NFT क्या होता है. 

NFT के तहत सिर्फ जैक डोर्सी का ट्वीट ही नहीं, बल्कि जिफ, वीडियो क्लिप्स से लेकर वर्चुअल तस्वीरें भी करोड़ों में बेची जा रही हैं. खास बात ये है कि जो भी बेचा जा रहा है उसका कोई दूसरा विकल्प नहीं है.

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