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भारत ने सिंगापुर, जापान और मलेशिया के साथ साइबर सिक्योरिटी के लिए किया समझौता

भारत ने साइबर सिक्योरिटी के लिए तीन देशों- सिंगापुर, मलेशिया और जापान के साथ एक समझौता किया है. इसके तहत ये देश साइबर सिक्योरिटी से जुड़े इंटेलिजेंस एक दूसरे के साथ शेयर करेंगे.

भारत ने तीन देशों के साथ किया साइबर सिक्योरिटी समझौता भारत ने तीन देशों के साथ किया साइबर सिक्योरिटी समझौता

भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (सीआरईटी-इन) ने मलेशिया, सिंगापुर और जापान के साथ एक साइबर सिक्योरिटी से जुड़ा समझौता किया है. एक आधिकारिक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई. कैबिनेट द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, साइबर सिक्योरिटी वाला यह समझौता भारत और दूसरे देशों के बीच सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं की रोकथाम और समाधान, उनका पता लगाने और इंटेलिजेंस इनपुट शेयर करने के इरादे से किया गया है. 

पहली डील पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान क्वालालंपुर में 23 नवंबर 2015 को हुई. इसके तहत सीईआरटी-इन ने अपने मलेशियाई काउंटरपार्ट के साथ साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में एक समझौता किया.

दूसरी डील भी क्वालालंपुर में ही 24 नवंबर 2015 हुई. इस डील में भारत की सीईआरटी -इन और सिंगापुर की साइबर सुरक्षा एजेंसी सिंगापुर कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल के बीच भी एक समझौता किया गया.

तीसरी डील भारत की सीईआरटी-इन और जापान कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल समन्वय केंद्र के बीच 7 दिसंबर 2015 को हुई. इस डील में राजनयिक आदान-प्रदान के माध्यम से साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर हस्ताक्षर हुए. 22 दिसंबर 2015 को दोनों एजेंसियों ने MoU एक्सजेंज करके इस डील को पूरा कर लिया. 

इनपुट: भाषा

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