जर्मनी ने पुरुष हॉकी विश्व का खिताब 2023 का खिताब जीत लिया है. भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में जर्मनी ने गत चैम्पियन बेल्जियम को शूटआउट में 5-4 से मात दी. रोमांचक फाइनल में निर्धारित समय के बाद दोनों टीम 3-3 से बराबर थी जिसके चलते मुकाबला शूटआउट में गया. जर्मनी का यह तीसरा वर्ल्ड कप खिताब है और उसने खिताबी जीत के मामले में ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड की बराबरी कर ली.
जर्मनी ने इससे पहले 2002 और 2006 में भी खिताब जीता था. पुरुष हॉकी विश्व कप में सर्वाधिक खिताब जीतने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के नाम दर्ज है जिसने चार बार ट्रॉफी अपने नाम की है. जर्मनी के लिए निर्धारित समय में निकलास वेलेन (29वें मिनट), गोंजालो पेइलाट (41वें मिनट) और कप्तान मैट्स ग्रेमबुश (48वें मिनट) ने गोल दागे. बेल्जियम की ओर से फ्लोरेंट वेन ओबेल फ्लोरेंट (10वें मिनट), टेंगास कोसिन्स (11वें मिनट) और टॉम बून (59वें मिनट) ने स्कोर किया.
They did it!
— International Hockey Federation (@FIH_Hockey)
The COMEBACK KINGS of are crowned WORLD CHAMPIONS 💪
Insane scenes after the win
मौजूदा टूर्नामेंट में यह तीसरा मौका है जब जर्मनी ने 0-2 से पिछड़ने के बाद जीत दर्ज की है. इससे टीम की मानसिक मजबूती और कभी हार नहीं मानने के रवैये का पता चलता है. जर्मनी ने इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में भी दो गोल से पिछड़ने के बाद जीत दर्ज की थी.
ऐसा रहा दोनों टीमों का मुकाबला
बेल्जियम ने मैच में शानदार शुरुआत की. वेन ओबेल ने 10वें मिनट में ही मैदानी गोल दागकर बेल्जियम को बढ़त दिलाई जबकि अगले ही मिनट में कोसिन्स ने स्कोर 2-0 कर दिया. बेल्जियम के पास दूसरे क्वार्टर के पहले मिनट में स्कोर 3-0 करने का मौका था लेकिन जर्मनी के गोलकीपर एलेक्जेंडर स्टेडलर ने पेनल्टी कॉर्नर पर गॉथियर बोकार्ड के प्रयास को नाकाम किया.
जर्मनी के टॉम ग्रेमबुश ने 19वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल करने का मौका गंवाया. वेलेन ने पेनल्टी कॉर्नर वेरिएशन पर गोल दागकर जर्मनी को वापसी दिलाई. हाफटाइम के समय बेल्जियम टीम की 2-1 से आगे थी. जर्मनी ने 40वें मिनट में बराबरी करने का मौका गंवाया लेकिन पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ पेइलाट ने अगले ही मिनट में गोल दागकर स्कोर 2-2 कर दिया. कप्तान मेट्स ग्रेमबुश ने चौथे क्वार्टर के तीसरे मिनट में जर्मनी को मैच में पहली बार बढ़त दिलाई. जब लग रहा था कि जर्मनी की टीम निर्धारित समय में जीत दर्ज कर लेगी, तब बून ने 59वें मिनट में गोल दागकर स्कोर बराबर कर दिया.