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बंद किए जा चुके प्रोजेक्ट से मदद लेगा NASA, बनाए जाएंगे एडवांस स्पेससूट

नासा ने कई दशक स्पेससूट को बेहतर करने पर काम किया, लेकिन लूनर स्पेससूट के लिए अब नासा ने निजी कंपनियों पर भरोसा जताया है. नासा ने दो कंपनियों को ये कॉन्ट्रैक्ट दिया है.

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निजी कंपनियों को स्पेससूट बनाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया (Photo: NASA) निजी कंपनियों को स्पेससूट बनाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया (Photo: NASA)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 2016 में स्पेससूट प्रोजेक्ट बंद कर दिया गया
  • अब निजी कंपनियां बनाएंगी स्पेससूट

नासा (NASA) के Z-1 स्पेससूट प्रोटोटाइप को एक दशक पहले लाया गया था. लेकिन अब इस प्रोजेक्ट पर काम बंद कर दिया गया है. लेकिन नासा ने अब स्पेससूट बनाने की जिम्मेदारी निजी हाथों को सौंप दी है. ये कॉन्ट्रैक्टर अब भी पिछले प्रोजेक्ट डेवलपमेंट को देख सकते हैं, ताकि मून मिशन समेत नासा के अन्य जरूरी प्रोजेक्ट के लिए बेहतर स्पेससूट बनाए जा सकें. 

साल 2012 में, हरे रंग के इस धारीदार Z-1 सूट का टेस्ट किया गया था, ताकि यह पता किया जा सके कि भविष्य के लिए बनाए जाने वाले स्पेससूट 'सॉफ़्ट' लुक के साथ कितने बेहतर साबित होते हैं. Z-1 एक टेस्टबेड स्पेससूट था, जिसे सतह पर बेहतर तरीके से स्पेसवॉक करने के लिए बनाया गया था. ये उन स्पेससूट से बेहतर था जिसे अंतरिक्ष यात्रियों ने 1960 और 1970 के दशक में अपोलो-युग में पहना था. यह Z-1 सस्पेससूट, पुराने सूट के मुकाबले बेहतर था, इसे थोड़ा बेंड किया जा सकता था. 

Spacesuit project
हाल ही में रिलीज़ फिल्म लाइटईयर में एस्ट्रोनॉट्स ने ऐसे ही सूट पहने हैं (Photo: NASA)

साल 2012 में नासा ने बताया कि सूट के कंधे और कूल्हे के जोड़ों वाले हिस्से में ऐसे बदलाव किए गए, जिनसे एस्ट्रोनॉट को मूवमेंट में आसानी हो. इसमें नए तरह के बेयरिंग का इस्तेमाल किया गया, ताकि अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में चलने और झुकने में आसानी हो. इसकी मदद से वे ग्रहों से नमूने इकट्ठा करने के साथ-साथ कई जरूरी काम भी कर सकते थे.

इस Z-1 स्पेससूट को अंतरिक्ष यात्रियों के मूवमेंट को आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया था. इसका धड़ के पास वाला हिस्सा पिछले स्पेससूट की तुलना में बहुत नरम था. इस स्पेससूट को हाल ही में रिलीज़ फिल्म लाइट ईयर (Lightyear) में एस्ट्रोनॉट्स को पहने दिखाया गया है.

Spacesuit project
2016 में एडवांस स्पेससूट प्रोजेक्ट बंद कर दिया गया (Photo: NASA)

ह्यूस्टन में नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर के एक वैक्यूम चेंबर में, Z-1 का टेस्ट किया गया था. टीम ने इसमें कुछ ज़रूरी बदलाव करने का फैसला किया था. 2012 में एजेंसी ने बताया कि 'दबाव' भी एक समस्या थी. 2014 तक, नासा ने कुछ अहम बदलावों के साथ एक नया प्रोटोटाइप तैयार किया, जिसे Z-2 नाम दिया गया. एडवांस स्पेससूट प्रोजेक्ट जिसमें Z-1 और Z-2 प्रोटोटाइप शामिल थे, इसपर 2016 में काम बंद हो गया. 

 

तीन एजेंसी स्पेससूट प्रोजेक्ट के रुकने और आर्टेमिस मिशन में देरी की वजह से, नासा ने आखिरकार लूनर स्पेससूट के लिए निजी क्षेत्र की तरफ रुख किया. एक्सिओम स्पेस (Axiom Space) और कोलिन्स एयरोस्पेस (Collins Aerospace) को 2034 तक के लिए भविष्य के नासा मिशनों के लिए स्पेससूट तैयार करने के लिए 350 करोड़ डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है. जिन कंपनियों को स्पेससूट बनाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है वे मदद के लिए एजेंसी स्पेससूट डेवलपमेंट की लाइब्रेरी को एक्सेस कर सकते हैं. 

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