
आज 'इंडिया' का नाम 'भारत' करने को लेकर हर तरफ चर्चा है. आजादी के 76 साल बाद देशभर में 'इंडिया' पर चर्चा हो रही है. कुछ दिनों विपक्ष के I.N.D.I.A. संगठन नाम से एकजुट होने पर सत्ता पक्ष ने कहा था, कि वैसे तो ईस्ट इंडिया कंपनी और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के नाम के साथ भी इंडिया जुड़ा है. नाम को लेकर छिड़ी बहस कहां तक जाएगी, संविधान में इंडिया का नाम बदलकर भारत होगा या नहीं, इस पर संसद में बिल लाकर क्या तय होगा, ये सब तो चर्चा में है ही, इससे ज्यादा लोग ये सोच रहे हैं कि अगर इंडिया का नाम भारत हो गया तो कितना कुछ बदल जाएगा. क्या हर वो नाम बदल जाएगा जिसमें इंडिया शब्द जुड़ा है.
वैसे इस बहस के बीच विदेशी खिलाड़ी खुश भी सकते हैं और दुखी भी, जिन्होंने अपनी बेटी का नाम वाकई में देश के नाम पर 'इंडिया' रखा था. इनमें न्यूजीलैंड के बिजनेसमैन और पूर्व तेज गेंदबाज डायोन नैश भी हैं जिन्होंने अपनी बेटी का नाम इंडिया लिली नैश रखा था. हो सकता है उन्हें इस बात का दुख भी हो कि जिस नाम से बिटिया का नाम रखा अब वो नाम भी असंवैधानिक करार दे दिया जाएगा. खैर वो अलग बहस का मुद्दा है.
मैं तो भारत के तमाम शिक्षण और शोध संस्थानों के नामों को लेकर सोच रहा हूं. जब इंडिया शब्द इनसे हटेगा तो इनके नाम कैसे होंगे. यही नहीं भारत की पहचान और गौरव बन चुके इंडिया गेट या गेट वे ऑफ इंडिया का नाम क्या होगा. क्या इंडिया गेट को भारत द्वार कहा जाएगा. हाल ही में हमने चंद्रयान-3, आदित्य एल1 भेजकर इसरो के नाम को चमकते देखा. अब क्या इसका नाम ISRO यानी इसरो से बदलकर BSRO (बिसरो) हो जाएगा. सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अच्छी-खासी बहस शुरू हो गई है. खबर लिखने तक X (ट्विटर) पर कुछ ही देर में करीब दो हजार से ज्यादा लोग #BSRO के साथ ट्वीट कर चुके हैं. यह सिर्फ एक उदाहरण है.

ऐसे कई नाम हैं जिन्हें सिर्फ इंडिया के नाम ही जाना, बोला और समझा जाता है. अगर वाकई में इंडिया शब्द हटा दिया जाता है, तो उनका क्या होगा. मसलन IIT और IIM को ही ले लीजिए. बच्चे आईआईटी की तैयारी करते हैं, आईआईटी में दाखिला पाते हैं, मां-बाप भी अपने बच्चों को आईआईटी में पढ़ाकर खुश हैं. हां, कुछ लोग अब कहेंगे कि आईआईटी का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कहा तो जाता है लेकिन मुझे याद नहीं कि किसी ने पूरा नाम लेकर कहा हो कि उनका बच्चा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में पढ़ता है. अमूमन आईआईटी और आईआईएम ही बोला जाता है. इनका असल नाम ही इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी या मैनेजमेंट है, यह तो इसका अनुवाद भर है. क्या अब इनका नाम भारत इंस्टीट्यूट ऑफ... होगा.
भारत सरकार के उन स्कीम, स्लोगंस या प्रोजेक्ट का सोचा है कभी जो इंडिया नाम से लोगों की जुबान पर चढ़ गए हैं. मसलन पढ़ेगा इंडिया तभी तो आगे बढ़ेगा इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, डिजिटल इंडिया, खेलो इंडिया, स्किल इंडिया... इतना सब बदल रहा होगा तो ऑल इंडिया रेडियो क्या पूरे भारत का रेडियो कहलाने लगेगा. IPS, IAS अफसर क्या कहलाएंगे. इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) की तो बात ही छोड़ दीजिए.
मनोरंजन और बॉलीवुड को बचा लेना बस
मुझे इन सबके साथ ही चिंता अलीशा चिनॉय के गाने मेड इन इंडिया की भी है. ये गाना मेरा फेवरेट है. आजादी की वर्षगांठ पर परदेस फिल्म का गाना आई लव माई इंडिया भी बहुत सुनता हूं. ये तो बस बानगी भर हैं, तमाम फिल्मों और गानों में इंडिया शब्द है. क्लासिक फिल्म मदर इंडिया हो या सनी देओल की इंडियन, सभी में इंडिया उसकी पहचान है. यह तो अच्छा है कि इन सबको ऐसे ही छोड़ दिया जाएगा. क्योंकि अतीत में जाकर नाम नहीं बदलते हैं, जैसे बॉम्बे का नाम मुंबई हुआ तो सलाम बॉम्बे या बंबई से आया मेरा दोस्त नहीं बदला.
क्यों छिड़ी ये बहस
बार-बार इंडिया और भारत के नाम पर मुद्दा उठता रहा है. 2020 में भी सुप्रीम कोर्ट में संविधान से इंडिया शब्द हटाने को लेकर याचिका दायर की गई थी तब कोर्ट ने यह कहकर याचिका खारिज कर दी थी कि संविधान में भारत ही है. अब कयास भी लगाए जा रहे हैं कि मोदी सरकार 18 से 22 सितंबर के दौरान आयोजित होने वाले संसद के विशेष सत्र में भारतीय संविधान से 'इंडिया' शब्द हटाने से जुड़े बिल को पेश कर सकती है. आरएसएस प्रमुख देश के लोगों से अपील कर चुके हैं कि वे इंडिया के बजाय भारत शब्द का इस्तेमाल करें. उधर, जी-20 देशों के सम्मेलन में 9 सितंबर को भारत मंडपम में रात के खाने पर भेजे गए इनविटेशन कार्ड पर प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया की जगह प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखा है.