इंदौर में गंदे पानी से मौत की घटना ने पूरे देश को परेशान कर दिया है. सरकार और अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं लेकिन नेता या मंत्री की जिम्मेदारी तय करने पर अब भी बहस बनी हुई है. भ्रष्टाचार और लापरवाही के कई मुद्दे सामने आए हैं. नई पाइपलाइन का काम शुरू तो हो गया है लेकिन यह टेंडर 2022 में पास होने के बाद चार साल तक रुका रहा. स्थानीय लोगों का सरकार और सिस्टम पर भरोसा खत्म हो गया है इसलिए वे बोतलबंद पानी खरीदने लगे हैं. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.