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Pollution Side Effects: फेफड़े डैमेज कर देगा प्रदूषण, खाने की इन 8 चीजों से होगा बचाव

हवा में फैला प्रदूषण का जहर फेफड़ों के लिए बेहद खतरनाक होता है. डॉक्टर्स कहते हैं कि प्रदूषण के छोटे-छोटे कण हमारे फेफड़ों को बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं. प्रदूषण से फेफड़ों को बचाने में कुछ चीजें बड़ी फायदेमंद मानी जाती हैं, इसलिए ये खतरा टलने तक आपको इन्हें अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए.

Pollution Side Effects: फेफड़े डैमेज कर देगा प्रदूषण, खाने की इन 8 चीजों से होगा बचाव (Photo Getty Images) Pollution Side Effects: फेफड़े डैमेज कर देगा प्रदूषण, खाने की इन 8 चीजों से होगा बचाव (Photo Getty Images)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली में शनिवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 355 दर्ज हुआ
  • प्रदूषण के छोटे-छोटे कणों से फेफड़ों को नुकसान

दिल्ली-एनसीआर के लोग बीते कुछ दिनों से प्रदूषण की मार झेल रहे हैं. राजधानी की एयर क्वालिटी अभी भी बहुत खराब कैटेगरी में बनी हुई है. शनिवार सुबह यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 355 दर्ज किया गया. हवा में फैला प्रदूषण का जहर फेफड़ों के लिए बेहद खतरनाक होता है. डॉक्टर्स कहते हैं कि प्रदूषण के छोटे-छोटे कण हमारे फेफड़ों को बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं. प्रदूषण से फेफड़ों को बचाने में कुछ चीजें बड़ी फायदेमंद मानी जाती हैं, इसलिए ये खतरा टलने तक आपको इन्हें अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए.

गुड़- प्रदूषण से फेफड़ों को बचाने के लिए गुड़ बेहद लाभकारी चीज माना जाता है. इसका इस्तेमाल करके आप प्रदूषण या स्मॉग से होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं. गुड़ में मौजूद एंटी एलर्जिक तत्व फेफड़ों के लिए अच्छे होते हैं. इसमें आयरन की भरपूर मात्रा पाई जाती है. आयरन खून में हीमोग्लोबिन का लेवल सामान्य करता है, जिस वजह से खून में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है. यह बात कई स्टडीज में भी साबित हो चुकी है कि हर दिन गुड़ खाने से हवा में फैले प्रदूषण का सेहत पर ज्यादा असर नहीं होता है.

जैतून का तेल- जैतून के तेल में विटामिन-ई पाया जाता है, जो फेफड़ों की समस्या को दूर कर इसके फंक्शन को बेहतर बनाता है. जैतून के तेल में पाए जाने वाला फैटी एसिड शरीर की सूजन को कम करता है. इसके अलावा, ये प्रदूषण के कारण होने वाली कार्डियोवस्कूलर हार्ट डिसीज समस्या से भी सुरक्षित रखता है.

अलसी- अलसी में भारी मात्रा में फाइटोइस्ट्रोजेन्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं. फाइटोइस्ट्रोजेन्स में एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज मौजूद होती हैं, जो अस्थमा और प्रदूषण के कारण होने वाली एलर्जी से सुरक्षित रखती हैं. प्रदूषण से सुरक्षित रखने के लिए अलसी सबसे ज्यादा कारगर साबित होती है. इसलिए प्रदूषण के दुष्प्रभाव से बचना है तो अलसी का नियमित सेवन शुरू कर दें.

हर्बल टी- वजन कम करने से लेकर सेहतमंद रहने तक हर्बल टी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होती है. इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में मौजूद टॉक्सिंस को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाते हैं. इसके साथ ही यह प्रदूषण के कारण होने वाली एलर्जी से भी सुरक्षित रखती है. आप घर पर भी तुलसी, अदरक, और नींबू के रस की मदद से हर्बल टी बना सकते हैं.

टमाटर- प्रदूषण के प्रभाव से बचने के लिए अपनी डाइट में टमाटर जरूर शामिल करें. इसमें लाइकोपीन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो प्रदूषण के कारण होने वाली सांस संबंधी समस्या से सुरक्षित रखता है.

पानी- सांसों से शरीर में पहुंचे जहर को बाहर निकालने के लिए पानी बहुत जरूरी है. इसलिए पानी पीना नहीं भूलें. दिन में तकरीबन 4 लीटर तक पानी पीएं. घर से बाहर निकलते वक्त भी पानी पीएं. इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई सही बनी रहेगी और वातावरण में मौजूद जहरीली गैसें अगर ब्लड तक पहुंच भी जाएंगी तो कम नुकसान पहुंचाएंगी.

लहसुन- लहसुन में एंटीबायोटिक तत्व होते हैं, जो प्रदूषण से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं. इसलिए लहसुन को भी अपनी डाइट में शामिल करें.

विटामिन-सी- विटामिन-सी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है. यह शरीर में फ्री रेडिकल्स की सफाई करता है. शरीर में विटामिन-ई को रीजेनरेट करने के लिए भी विटामिन-सी बेहद उपयोगी है. फेफड़ों के लिए शरीर में विटामिन-सी के लेवल को मेंटेन रखना बेहद जरूरी है. शरीर को रोजाना 40 मिलीग्राम विटामिन-सी की जरूरत होती है. चौलाई का साग, ड्रमस्टिक, अजवायन, बंद गोभी और शलगम का साग विटामिन-सी का अच्छा स्रोत माने जाते हैं. नींबू, अमरूद, आंवला और संतरे में भी ये विटामिन पाया जाता है. इसके लिए आपको खट्टे फलों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए.

 

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