इलाहाबाद और राजस्थान सहित छह राज्यों के हाईकोर्ट में शुक्रवार को चीफ जस्टिस की नियुक्ति की गई. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स को नियुक्तियों की घोषणा की. राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति मणीन्द्र मोहन श्रीवास्तव को चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है. वहीं पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की कार्यवाहक चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति रितु बहरी को उत्तराखंड हाईकोर्ट चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है.
पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह को उड़ीसा हाईकोर्ट चीफ जस्टिस के रूप में पदोन्नत किया गया है. राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विजय बिश्नोई को गौहाटी हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है. राजस्थान हाईकोर्ट के ही न्यायमूर्ति अरुण भंसाली को इलाहाबाद हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है.
इसी तरह, मद्रास हाईकोर्ट के जज एस वैद्यनाथन को मेघालय हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में पदोन्नत किया गया है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पिछले साल 2 नवंबर को उनके नामों की सिफारिश की थी. न्यायमूर्ति रितु बहरी के उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ लेने के बाद, देश के 25 हाईकोर्ट में से दो का नेतृत्व महिलाएं करेंगी. उनसे पहले न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल गुजरात हाईकोर्ट की प्रमुख हैं.
हाईकोर्ट्स में 331 जजों की कमी
एक लिखित जवाब में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में बताया कि 25 जनवरी तक अलग-अलग हाईकोर्ट में 1,114 की स्वीकृत क्षमता के मुकाबले 783 जज कार्यरत थे. 331 जजों के पद फिलहाल खाली हैं. 331 खाली पदों में से जजों की नियुक्ति के लिए 145 प्रस्ताव हाईकोर्ट्स से प्राप्त हुए हैं, जो अलग-अलग चरणों में प्रक्रिया में हैं. हाईकोर्ट्स ने जजों की शेष 186 रिक्तियों के संबंध में अभी तक प्रस्ताव नहीं भेजा है.