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सरकारी किताबों में छपा अधूरा राष्ट्रगान, अफसरों ने बच्चों को बांट दीं, फिर बोले- बदलवा रहे हैं

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में सरकारी किताबों में अधूरा राष्ट्रगान छपा होने का मामला सामने आया है. अधिकारियों ने बच्चों को ये अधूरा राष्ट्रगान छपी वाली किताबें वितरित कर दीं. जिम्मेदार अफसर का कहना है कि पब्लिशर से किताबें बदलने को कहा गया है. नोटिस जारी कर पेमेंट रोक दिया गया है.

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सरकारी किताबों में छपा अधूरा राष्ट्रगान.
सरकारी किताबों में छपा अधूरा राष्ट्रगान.

सरकारी स्कूल में निःशुल्क बांटी जाने वाली किताबों में राष्ट्रगान गलत ही नहीं, बल्कि अधूरा छपा हुआ है. इन सरकारी किताबों की छपाई में बेहद लापरवाही बरती गई. बिना किसी जांच के किताबें स्कूलों तक पहुंचा दी गईं. इसके बाद स्कूल में भी किताबें बच्चों को बांट दी गईं.

हिंदी की किताब पर छपे राष्ट्रगान की चौथी पंक्ति अधूरी है. बच्चे आधा अधूरा राष्ट्रगान पढ़ रहे हैं. इसमें "उत्कल बंग" छपा ही नहीं है. ये भूल है या मिसप्रिंट ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन बच्चे इसे अधूरा ही पढ़ रहे हैं.

सरकारी किताब में अधूरा छपा राष्ट्रगान

ये सिर्फ एक किताब का हाल नहीं है, बल्कि वाटिका नाम की कक्षा 5 की हिंदी की सभी निशुल्क किताब में भी ऐसा ही है. ये किताब भी सरकारी स्कूल में बांटी जा चुकी है.

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बोले- पब्लिशर से किताबें बदलने को कहा है

इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्ध प्रिय सिंह का कहना है कि राष्ट्रगान की पंक्ति आधी छपी हुई है, वह हमारे संज्ञान में आया था. हमने नोटिस जारी किया था. इसके बाद किताबें बदलवाने के लिए हमें बोला गया है. किताबों को चेंज करने के लिए पब्लिशर को भी बोला गया है. उनका पेमेंट रोक दिया गया है.

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उन्होंने कहा कि यह गलती हुई है, इसीलिए कार्रवाई चल रही है. हम लोग छापते नहीं हैं, हमारे पास किताबें आती हैं. जहां से किताबें आती हैं, उनको विशेष ध्यान देना चाहिए.

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