
UP Floods Latest Updates: देश के कई राज्य इन दिनों बाढ़ की समस्या झेल रहे हैं. यूपी के पूर्वांचल में भी बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा है. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गंगा उफनाई हुई है और खतरे के निशान के ऊपर बह रही है, जिसके चलते तमाम घर डूब गए हैं और फसलें चौपट हो गई हैं. वहीं, शनिवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर भी खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे नदियों के किनारे के क्षेत्र जलमग्न हैं.
देवरिया पुलिस चौकी पानी के सैलाब के चलते बंद है, उसके इर्द गिर्द घुटनो के ऊपर तक पानी है. वहीं, कुछ दूर पर एक स्कूल है जहां आज बच्चों की चहलकदमी नहीं है, क्योंकि बाढ़ के पानी में वह भी आधा समा गया है. बाढ़ से हाल इतने बेहाल हैं कि लोगों को नाव से एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ रहा है. बाढ़ में कई परिवार फंसे हुए हैं.
बता दें, गाजीपुर में बाढ़ के चलते देवरिया गांव से सब्बलपुर गांव में लोग पलायन को मजबूर हैं. लल्लन और उनका परिवार नाव में अपनी पूरी ग्रहस्थी लेकर सब्बलपुर गांव पहुंचे है. आजतक से बातचीत के दौरान लल्लन ने बताया कि उन्हें कोई सुविधा नहीं मिली है, ना राहत सामग्री न खाने के पैकेट, घर और फसल पानी में डूब जाने के चलते वह पलायन को मजबूर हैं.

इंसान तो इंसान जानवरों के लिए भी यह बाढ़ आफत लेकर आई है. कई जानवरों की मौत हो गई है तो कई पानी में फंसे हैं और इन्हें नाव से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा है.

वाराणसी में गंगा खतरे के निशान से लगभग 74 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. खतरे का निशान 71.26 मीटर है तो वहीं इस वक्त गंगा का जलस्तर 72.01 मीटर दर्ज किया गया. बता दें, 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अभी भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. जिला प्रशासन ने एक बयान में कहा कि गंगा और वरुणा नदी में बाढ़ से 18 नगरपालिका वार्ड और 80 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं और जिले में 228.69 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है.
वरुणा किनारे बसे दर्जनों मोहल्लों के हजारों घरों में रहने वाले लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. यह मोहल्ले वाराणसी के निचले इलाके में आते हैं. यहां हर साल बाढ़ यूं ही लोगों के लिए मुसिबत बनकर आती है.
मौसम विभाग की मानें तो वाराणसी में आज भी गरज के साथ एक या दो बार बारिश हो सकती है. IMD के मुताबिक, वाराणसी में आज से 1 सितंबर तक लगातार बारिश देखने को मिल सकती है. वाराणसी में बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहेगा.