इन आरोपों को खारिज करते हुए कि एनडीए सरकार वन मैन शो है और इसके मंत्री महज खिलौना बनकर रह गए हैं, केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने गुरुवार को कहा कि मौजूदा शासन में प्रधानमंत्री पद का सम्मान बहाल हुआ है.
उन्होंने कहा, ‘कम से कम, अब प्रधानमंत्री निर्णय तो ले रहे हैं. प्रधाममंत्री पद को अब वह सम्मान मिल रहा है जिसपर उसका हक है. आरोप है कि मंत्री खिलौना हैं, कम से कम, प्रधानमंत्री तो खिलौना नहीं हैं.’ विपक्ष ने आरोप लगाया था कि एनडीए सरकार में मंत्री महज खिलौने हैं और पूर्व केंद्रीय मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने दावा किया था कि वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज को हाशिये पर डाल दिया गया है.
राठौर ने कहा , ‘मैं सुषमा स्वराज जी की सराहना करना चाहूंगा खासकर जिस काबिलियत से वह विदेशों में भारत के दृष्टिकोण को रखती हैं. इस बात को लेकर अगर आप हाल की एक पत्रिका देखें तो सुषमा स्वराज का नाम सबसे अच्छा काम करने वाले मंत्रियों में शुमार है.’ केंद्रीय मंत्री एनडीए सरकार के एक साल पूरा होने पर रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करने यहां आए थे.
उन्होंने कहा, ‘आडवाणीजी ऐसी उम्र में हैं जहां वह मार्गदर्शन और निर्देश दे सकते हैं. मंत्री 24 में से 20 घंटे कठिन मेहनत कर सकते हैं. अगर आडवाणजी को इतनी देर काम करना पड़े तो यह हमारी युवा पीढ़ी के लिए एक कमी है. अगर मम्मी-पापा (जयपाल रेड्डी की आलोचना) जैसे शब्द आते हैं तो ऐसे और शब्द जोड़े जा सकते हैं. वे सूट बूट की सरकार कहना जारी रखते हैं तो लूट-फूट सरकार भी सामने आएगी.’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं और टीम के रूप में काम करने में यकीन करते हैं जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं.
इनपुटः भाषा