मध्यप्रदेश में लिंगानुपात के गिरकर गंभीर स्थिति में पहुंचने से चिंतित राज्य सरकार ने बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या बढ़ाने के लिये प्रयास तेज कर दिये हैं. इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने उन माता-पिता को तय उम्र के बाद मासिक पेंशन देने का फैसला किया है, जिन्होंने एक या दो बेटी के जन्म के बाद परिवार नियोजन का ऑपरेशन करा लिया है.
राज्य के पंचायत, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय मंत्री गोपाल भार्गव ने रविवार को इंदौर के दशहरा मैदान में ‘अंत्योदय मेले’ में कहा, ‘प्रदेश में अब एक या दो बेटी के जन्म के बाद परिवार नियोजन का ऑपरेशन कराने वाले दम्पतियों को 500 रुपये की मासिक पेंशन दी जायेगी.’ इसके अलावा, भार्गव ने बताया कि गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर उसके परिजन को राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत अब 10,000 रुपये की बजाय 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी.
इंदौर जिले के प्रभारी मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत दी जाने वाली मासिक रकम को 150 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये किया जायेगा. यह नयी व्यवस्था जल्द ही लागू की जायेगी.
अधिकारियों ने बताया कि ‘अंत्योदय मेले’ के दौरान एक ही पण्डाल के नीचे करीब 38,000 हितग्राहियों को 28 करोड़ 81 लाख रुपये की मदद दी गयी.