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रेलवे सबसे बड़ा 'जमींदार', दिल्ली के क्षेत्रफल से भी ज्यादा जमीन का मालिक

रेलवे ने जो जवाब दिए वो चौंकाने वाला है. रेलवे से मिले जवाब के मुताबिक भारतीय रेलवे देश में लगभग 4.77 लाख हेक्टेयर जमीन का मालिक है. ये जमीन राजधानी दिल्ली के क्षेत्रफल से भी ज्यादा है. गोवा का क्षेत्रफल भी रेलवे के पास मौजूद जमीन से कम है.

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रेलवे ने अपने पास मौजूद जमीनों का आंकड़ा सार्वजनिक किया है. (फोटो-GETTY IMAGE)
रेलवे ने अपने पास मौजूद जमीनों का आंकड़ा सार्वजनिक किया है. (फोटो-GETTY IMAGE)

  • इंडियन रेलवे के पास सबसे ज्यादा जमीन का मालिकाना हक
  • गोवा के क्षेत्रफल से ज्यादा जमीन का मालिक है भारतीय रेलवे
  • इंडिया टुडे की RTI के तहत मिली यह अहम जानकारी

भारतीय रेलवे देश में सबसे ज्यादा जमीनों का मालिकाना हक रखता है. सरकारी आंकड़ों के लिए मुताबिक रेलवे के पास कई छोटे-मोटे राज्यों के कुल क्षेत्रफल से ज्यादा जमीन है. भारतीय रेलवे के पास मौजूद जमीन का आधिकारिक डाटा जानने के लिए इंडिया टुडे ने सूचना के अधिकार कानून के तहत रेलवे से जवाब मांगा.

रेलवे ने जो जवाब दिए वो चौंकाने वाला है. रेलवे से मिले जवाब के मुताबिक भारतीय रेलवे देश में लगभग 4.77 लाख हेक्टेयर जमीन का मालिक है. ये जमीन राजधानी दिल्ली के क्षेत्रफल से भी ज्यादा है. गोवा का क्षेत्रफल भी रेलवे के पास मौजूद जमीन से कम है.

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सूचना के अधिकार कानून के तहत इंडिया टुडे ने पूछा कि इंडियन रेलवे के पास अलग-अलग राज्यों में कितनी जमीनों का मालिकाना हक है. रेलवे ने बताया कि उसके पास राज्यवार आंकड़ों का ब्यौरा तो नहीं है, लेकिन 31 मार्च 2018 को कुल मिलाकर उसके पास 4.77 लाख हेक्टेयर जमीन है.

बता दें कि अगर दिल्ली के क्षेत्रफल की बात करें तो देश की राजधानी 1 लाख 48 हजार 300 हेक्टेयर में फैली हुई है. गोवा का भौगोलिक क्षेत्रफल 3 लाख 70 हजार 200 हेक्टेयर है. आंकड़ों के आधार पर रेलवे के पास गोवा से 22 फीसदी ज्यादा जमीन है. अगर केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप की बात करें तो ये प्रदेश मात्र 3000 हेक्टेयर में फैला है.  

रेलवे से इस बात की भी जानकारी मांगी गई कि उसकी कितनी जमीनों पर निजी संगठनों संस्थाओं ने कब्जा जमा रखा है. इसके जवाब में बताया गया कि 30 मार्च 2018 तक रेलवे की 844.38 हेक्टेयर जमीन पर अवैध अतिक्रमण है. रेलवे ने बताया कि राज्यवार अतिक्रमण का आंकड़ा उसके पास उपलब्ध नहीं है.  

इंडिया टुडे ने इस बात की भी जानकारी मांगी कि रेलवे की कितनी जमीनें कानून विवाद में उलझी हैं. इसके जबाव में रेलवे ने कहा कि वो ऐसी जमीनों का रिकॉर्ड नहीं रखता.

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