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कोरोना संकट: PM की CM के साथ होगी तीसरी बैठक, जानें- 2 मीटिंग में क्या रहा

पीएम मोदी कोरोना वायरस के प्रकोप और लॉकडाउन की स्थिति पर तीसरी बार 27 अप्रैल को देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करेंगे. इस दौरान कांग्रेस शासित और गैर एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री आगे आकर पीएम मोदी के सामने अपनी मांग रख सकते हैं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

  • लॉकडाउन के बाद PM सभी CM के साथ कर चुके हैं दो बैठक
  • 27 अप्रैल को फिर से PM मोदी करेंगे देश भर के सीएम के साथ बात

कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देश भर के राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक और चर्चा कर रहे हैं. पीएम मोदी कोरोना वायरस के प्रकोप और लॉकडाउन की स्थिति पर तीसरी बार 27 अप्रैल को देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करेंगे. इस दौरान कांग्रेस शासित और गैर एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री आगे आकर पीएम मोदी के सामने अपनी मांग रख सकते हैं.

पीएम की सीएम के साथ पहली बैठक

कोरोना संकट के बीच पीएम मोदी ने देशभर में 24 मार्च को लॉकडाउन का ऐलान किया था, फिलहाल जिसे बढ़ाकर 3 मई तक के लिए कर दिया गया है. पीएम मोदी ने लॉकडाउन लगाने के बाद 26 मार्च को देश भर के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना संकट पर पहली बैठक की थी. इस दौरान प्रधानमंत्री ने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कर हर राज्य में कोरोना के खिलाफ उठाए गए कदमों और उनके नतीजों का जायजा लिया था.

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हालांकि, प्रधानमंत्री के सामने महज आठ मुख्यमंत्रियों ने ही अपनी बात रखी थी. इनमें से ज्यादातर मामलों में उन्होंने प्रधानमंत्री की हां में हां ही मिलाई थी. हालांकि, प्रधानमंत्री कोरोना विरोधी जंग में जिन दस राज्यों के कामकाज से संतुष्ट थे, उनमें से छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य थे. इसके अलावा पीएम के सामने बीजेपी शासित राज्यों के सीएम ने अपनी बात रखी थी.

पीएम की सीएम के साथ दूसरी बैठक

कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन का पहले चरण के पूरा होने से से पहले 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के मुख्यमंत्रियों के साथ दूसरी बैठक की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस बैठक में गैर एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बेहद मुखर थे. कांग्रेस के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, और कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बने उद्धव ठाकरे, हेमंत सोरेन और ममता बनर्जी ने राज्यों के अधिकारों और आर्थिक हिस्सेदारी को लेकर केंद्र के सामने खुलकर अपनी बात रखी थी.

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार से राज्य के लिए ज्यादा वित्तीय सहायता का अनुरोध किया था. सोरेन ने कहा था कि झारखंड के हिस्से का बकाया जीएसटी और राज्य में केंद्र सरकार के उपक्रमों पर बकाया करोड़ों रुपये का तत्काल भुगतान कराया जाए. वहीं, बघेल ने आर्थिक गतिविधियों को चलाने की अनुमति और पैकेज की डिमांड रखी थी. दूसरी ओर, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री जहां केंद्र में अपनी ही पार्टी की सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुशासन की सीमाओं में बंधे होने के चलते उनकी हां में हां मिलाते रहे.

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पीएम ने दिया था जान है तो जहान है का नारा

प्रधानमंत्री ने कहा था कि जान है तो जहान है. उन्होंने कहा कि जब मैंने राष्ट्र के नाम संदेश दिया था, तो शुरुआत में इस पर जोर दिया था कि हर नागरिक की जान बचाने के लिए लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बहुत जरूरी है. देश के ज्यादातर लोगों ने बात को समझा और घरों में रहकर दायित्व निभाया. अब भारत के उज्जवल भविष्य के लिए, समृद्ध और स्वस्थ भारत के लिए जान भी, जहान भी, दोनों पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है. इस दौरान सभी मुख्यमंत्रियों ने एकसुर में लॉकडाउन बढ़ाने का समर्थन किया था.

पीएम की सीएम के साथ अब तीसरी बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ 27 अप्रैल यानी सोमवार को फिर से मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करेंगे. इस दौरान पीएम मोदी मुख्यमंत्रियों से फीडबैक भी लेंगे. केंद्र सरकार राज्यों से मिले फीडबैक के आधार पर ही आगे की रणनीति तैयार करेगी. माना जा रहा है मुख्यमंत्रियों के फीडबैक पर राज्यों में सामान्य कामकाज शुरू करने पर रायशुमारी होगी. केंद्र सरकार को भरोसा है कि 3 मई तक कुछ राज्यों में स्थिति में काफी सुधार आ जाएगा और तमाम वैज्ञानिकों का भी यही मानना है कि अप्रैल के बाद से कोरोना के ग्राफ में गिरावट आएगी.

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कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

बता दें कि कोरोना महामारी के चलते देश को पहली बार लॉकडाउन करने का ऐलान पीएम मोदी ने 24 मार्च को किया था और 25 मार्च से तीन हफ्ते यानी 14 अप्रैल के लिए लॉकडाउन लागू किया गया. लेकिन, लगातार कोरोना के नए केस सामने आने के बाद इसे और 2 हफ्ते के लिए बढ़ाकर 3 मई तक किया गया. ऐसे में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है.

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