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आंध्र में अब कांग्रेस के खिलाफ कार्रवाई, राजीव स्मृति भवन तोड़वाएंगे जगन

'इंडिया टुडे' को हाथ लगे कुछ कागजात बताते हैं कि विशाखापट्नम में बीच रोड पर स्थित राजीव स्मृति भवन में रूफिंग शिट्स, ट्रसेस, ग्लेजिंग ग्लासेस और फॉल्स सीलिंग हटाने के लिए टेंडर आमंत्रित किया गया है.

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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी (IANS)
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी (IANS)

पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के बाद मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी अब कांग्रेस को निशाने पर लेने के मूड में हैं. कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस विशाखापट्नम में राजीव स्मृति भवन तोड़ने की तैयारी कर रही है. इससे पहले जगनमोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू के आधिकारिक आवास प्रजा वेदिका को तोड़ने का आदेश दिया था. अभी हाल में नायडू और उनकी तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के खिलाफ नोटिस भी जारी किया गया है.

विशाखापट्नम स्थित राजीव स्मृति भवन कांग्रेस मेमोरियल और कल्चरल सेंटर है. इसकी स्थापना साल 2008 में की गई थी. इस भवन को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की याद में बनाया गया था. तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में हत्या से कुछ दिन पहले राजीव गांधी आंध्र प्रदेश के इसी तटीय इलाके में कुछ दिन ठहरे थे. इसलिए उनकी याद में विशाखापट्नम में इस स्मृति भवन का निर्माण कराया गया था. इस कल्चरल सेंटर में राजीव गांधी की फोटो प्रदर्शनी हमेशा लगी रहती है और यह केंद्र शास्त्रीय संगीत के लिए भी जाना जाता है. कांग्रेस नेता और राजीव गांधी के काफी करीबी हनुमंत राव ने दावा किया कि आंध्र की जगन सरकार बदले की भावना से काम कर रही है और उसका मकसद विपक्ष को खत्म करना है.

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हनुमंत राव ने 'इंडिया टुडे' से कहा, 'उन्हें (जगनमोहन रेड्डी) जनता की भलाई के लिए जनादेश दिया गया था लेकिन प्रजा वेदिका और पार्टी के दफ्तरों को तोड़ने का क्या मतलब है. मैंने उनके पिता वाईएस राजशेखर रेड्डी की सरकार में सांसद निधि से पैसा देकर इस सेंटर को जिंदा रखा लेकिन अब उनके बेटे ऐसा कर रहे हैं. मैं उन्हें चेतावनी देता हूं कि वे पहले मुझे जान से मारें उसके बाद ही राजीव स्मृति भवन को तोड़ा जाएगा. राजीव गांधी आंध्र प्रदेश के लोगों और उनके पिता को काफी प्यार करते थे.'

'इंडिया टुडे' को हाथ लगे कुछ कागजात बताते हैं कि बीच रोड पर स्थित राजीव स्मृति भवन में रूफिंग शिट्स, ट्रसेस, ग्लेजिंग ग्लासेस और फॉल्स सीलिंग हटाने के लिए टेंडर आमंत्रित किया गया है. टेंडर जमा कराने की अंतिम तारीख 4 जुलाई है और इसकी कीमत 84,7960 रुपए रखी गई है. हालांकि सरकारी सूत्रों ने स्मृति भवन तोड़े जाने के प्रस्ताव से इनकार किया है.

इससे पहले 28 जून को ग्रेटर विशाखापट्नम म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (जीवीएमसी) के कमिश्नर ने टीडीपी के सिटी प्रेसिडेंट को नोटिस जारी कर पार्टी ऑफिस से जुड़े कागजात हफ्ते भर के अंदर जमा कराने के निर्देश दिए थे. सूत्रों का कहना है कि जीवीएमसी ने कई विपक्षी पार्टियों को नोटिस जारी किया है जिसमें तटीय इलाकों में अवैध निर्माण और नियम कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है. अभी हाल में मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने अधिकारियों को आदेश दिया था कि प्रदेश में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उनके इस आदेश के बाद निगम ने खख्ती से कार्रवाई शुरू कर दी है. इसी के तहत चंद्रबाबू नायडू के बनाए आवास प्रजा वेदिका को तोड़ने का भी काम किया गया.

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उधर पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि उन्होंने सत्ता में रहने के दौरान कुछ गलत नहीं किया है और इसलिए वह सरकार की ओर से किसी भी जांच से भयभीत नहीं हैं. चंद्रबाबू ने अपने गृह जनपद चित्तूर में अपने विधानसभा क्षेत्र कुप्पम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने लोगों की समस्याओं को दूर करने और राज्य के विकास की हर संभव कोशिश की. उन्होंने पूछा, "आप मुझे बताइए मैंने क्या गलत किया है."

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