अरुणाचल प्रदेश में हालात बेकाबू हो गए हैं. सीएम आवास और अहम सरकारी इमारतों की सुरक्षा के लिए सेना को तैनात कर दिया गया है. वहीं नाहरलागुन हाईवे पर प्रदर्शनकारी रास्ता रोके हुए हैं. आईटीबीपी की फायरिंग में मारे गए छात्र के शव के साथ सैकड़ों लोग इंदिरा गांधी पार्क में जुटे हुए हैं. वे अंतिम संस्कार के लिए वहां पर खुदाई कर रहे हैं.
राजधानी ईटानगर में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बहाल करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 6 कंपनियों को तैनात किया गया है. इसके अलावा धारा 144 भी लागू कर दी गई है. बता दें कि 6 आदिवासी समुदायों को स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (PRC) देने के प्रस्ताव के खिलाफ बुलाए गए बंद के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में लोग सड़क पर उतर आए थे. इस दौरान पुलिस की गोलीबारी में शनिवार को एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके बाद रविवार को प्रदर्शनकारियों ने राज्य के उप मुख्यमंत्री चौना मेन के घर को आग के हवाले कर दिया. हालात को देखते हुए चौना मेन को ईटानगर से नामासाई जिले में शिफ्ट किया गया है.
वहीं ईटानगर में तैनात की गई सेना की गाड़ियों पर पथराव करने वालों और सेना के सामने आने पर गोली मारने का आदेश लिखा हुआ है. इंटरनेट सेवा ठप किए जाने के कारण मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की शांति की अपील भी ज्यादातर लोगों के पास नहीं पहुंच पाई है. अरुणाचल के लोग सीआरपीएफ और आईटीबीपी के खिलाफ नारे लगा रहे हैं. लोग सुरक्षा बलों से अरुणाचल को दूसरा कश्मीर नहीं बनाने के नारे लगा रहे हैं.
राज्य में हालात को नियंत्रण में लाने के लिए मुख्यमंत्री पेमा खांडू अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार किया जा रहा है. तनाव वाले क्षेत्र में कोई भी वीआईपी मुवमेंट नहीं हो रहा है. वहीं डर के कारण लोग घर के अंदर ही रह रहे हैं.
सीएम के आवास पर भी हुआ हमला
वहीं सीएम पेमा खांडू के आवास पर भी लोगों ने हमला बोल दिया. सेना ने जवाब में फायरिंग की है. हिंसा को देखते हुए राज्य सरकार ने पीआरसी के संबंध में आगे कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्णय लिया है.
इससे पहले केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस पूरे हिंसा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कांग्रेस पर अरुणाचल प्रदेश के लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगाया.
Permanent residence certificate row: 6 companies of Indo-Tibetan Border Police (ITBP) have been deployed in Itanagar, Arunachal Pradesh to restore law and order situation. Section 144 (prohibits assembly of more than 4 people in an area) has also been imposed pic.twitter.com/dNMCTeJOGF
— ANI (@ANI) February 24, 2019
रिजिजू ने यह भी कहा कि अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार पीआरसी पर बिल नहीं ला रही है, लेकिन केवल नबाम रेबिया की अगुवाई वाली संयुक्त हाईट पावर्ड कमेटी की रिपोर्ट को पेश कर रही है. इसका मतलब ये है कि राज्य सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया है. वास्तव में, कांग्रेस पीआरसी के लिए लड़ रही है लेकिन लोगों को गलत तरीके से उकसा रही है. बता दें कि रेबिया राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं.
राहुल गांधी ने दुख जताया
शनिवार को पुलिस की गोलीबारी में एक शख्स की मौत पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी दुख जताया. उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य में शांति लौट आएगी. बता दें कि अरुणाचल प्रदेश सरकार ने इस बात की घोषणा की थी कि वह नामसाई और चांगलांग जिलों में 6 समुदायों को स्थायी निवासी प्रमाण पत्र जारी करने पर विचार कर रही है. इसके बाद राज्य के कुछ हिस्सों में लोगों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. इसके बाद हालात बेकाबू हो गए और शहर में कर्फ्यू लगाना पड़ा.
#WATCH Permanent residence certificate row: Violence broke out in Itanagar during protests against state’s decision to grant permanent resident certificates to non-#ArunachalPradesh Scheduled Tribes of Namsai & Chanaglang; Deputy CM Chowna Mein's private house also vandalised. pic.twitter.com/FrcmqWbL8c
— ANI (@ANI) February 24, 2019
राजनाथ सिंह ने की शांति बनाए रखने की अपील
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर अरुणाचल प्रदेश के लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है. इस बाबत गृह मंत्री राजनाथ ने अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से भी बात की और प्रदेश की स्थिति के बारे में जानकारी ली. इसके बाद गृह मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से फोन पर बात की और राज्य के कुछ हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शन और स्थिति पर चर्चा की.’