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PRC पर सुलग उठा अरुणाचल प्रदेश, ईटा नगर में भड़की हिंसा, इंटरनेट बंद

बंद के दौरान कई हिस्सों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी हुईं. राजधानी ईटानगर में 18 छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों को इस बंद का समर्थन हासिल है.

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बंद के दौरान आगजनी (फोटो- ANI)
बंद के दौरान आगजनी (फोटो- ANI)

अरुणाचल प्रदेश में स्थायी निवास प्रमाण पत्र (पीआरसी) के मुद्दे पर माहौल गरमा गया है. गैर-अरुणाचलवासियों को पीआरसी देने के मुद्दे पर एक सरकारी समिति के प्रस्तावों में बदलाव की मांग पर छात्र और नागरिक समाज संगठनों की ओर से बुलाए गए 48 घंटे के बंद के दौरान यहां आम जनजीवन प्रभावित रहा. 

स्थाई निवास प्रमाण पत्र के मुद्दे पर अरुणाचल प्रदेश सुलग उठा है. ईटानगर के कई हिस्सों में हिंसा हुई है. कई आदिवासी संगठनों ने इस दौरान उपद्रव किया है. हितधारतों के साथ बातचीत के बाद संयुक्त उच्च अधिकार समिति (जेएचपीसी) ने उन छह समुदायों को पीआरसी देने की सिफारिश की थी, जो अरुणाचल प्रदेश के नागरिक नहीं थे लेकिन दशकों से नमसाई और चांगलांग जिलों में रह रहे थे. इस बंद के बाद राज्य में तनाव के हालात हैं और इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है.

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बंद के दौरान कई हिस्सों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी हुईं. राजधानी ईटानगर में 18 छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों को इस बंद का समर्थन हासिल है.

इस प्रस्ताव से कई समुदाय आधारित समूहों और छात्रों के बीच असंतोष पैदा हो गया है, जिन्होंने दावा किया था कि अगर राज्य सरकार इसे स्वीकार करती है तो यह स्थानीय लोगों के अधिकारों और हितों से समझौता होगा. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो दिवसीय बंद के पहले दिन आंदोलनकारी राज्य की राजधानी में सड़कों पर उतरे और उन्होंने सरकारी वाहनों पर पथराव किया. पुलिस ने इनमें से 21 आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया है.

अधिकारी ने बताया कि आंदोलनकारियों मांग की है कि सरकार जेएचपीसी की सिफारिशों पर फिर से विचार करे. इन सिफारिशों को सदन के अंतरिम बजट सत्र के दौरान विधानसभा में रखा जाना है. पुलिस अधीक्षक एम हर्षवर्धन ने बताया कि गुरुवार को सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सरकारी वाहन सड़कों से नदारद रहे. एसपी ने बताया कि प्रशासन ने बंद के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किये हैं.

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