बिहार में पंचायत चुनावों के तहत 38 जिलों के 62 प्रखंडों में चौथे चरण का मतदान कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह सात बजे शुरू हुआ.
राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने बताया कि विभिन्न पंचायतों में मुखिया, ग्राम कचहरी सरपंच, ग्राम कचहरी पंच, ग्राम पंचायत सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के कुल 27928 पदों पर निर्वाचन के लिये 12416 मतदान केन्द्रों पर वोट डाले जा रहे हैं.
स्थानीय चुनाव को लेकर मतदाताओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और सुबह से ही बूथों के बाहर लोगों की लम्बी-लम्बी कतारें देखने को मिल रही हैं.
प्रथम चरण का मतदान 20 अप्रैल को हुआ था जिसमें 55 प्रतिशत और 24 अप्रैल को दूसरे चरण में करीब 59 फीसदी वोट पड़े थे. वहीं 27 अप्रैल को हुए तीसरे चरण के मतदान में 60.53 प्रतिशत वोट डाले गये थे.
उन्होंने बताया कि चौथे चरण में विभिन्न पदों के लिये कुल 93560 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 53 लाख से अधिक मतदान करेंगे. प्रत्येक मतदान केन्द्र पर मतदाताओं को मतपत्रों पर मुहर लगाकर मुखिया, ग्राम कचहरी सरपंच, ग्राम कचहरी पंच, ग्राम पंचायत सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद के सदस्यों के निर्वाचन के लिये वोट डालना होगा.
नक्सल प्रभावित मतदान केन्द्रों पर सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक वोट डाले जायेंगे जबकि शेष केन्द्रों पर सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा.
आयोग के सूत्रों ने बताया कि चौथे चरण में 62 प्रखंडों में से 19 नक्सल प्रभावित हैं.
आयोग ने विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों, सह जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर वीडियोग्राफी या डिजिटल फोटोग्राफी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.