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चार समर्थक विधायकों को मंत्री बनाना चाहते थे सचिन पायलट, इन वजहों से की बगावत

सचिन पायलट जिस तरीके से नाराजगी जाहिर कर रहे हैं उससे सवाल उठता कि क्या उन्होंने सिर्फ साथियों को मंत्री बनाने के लिए बगावत की थी.

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राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट
राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट

  • चार विधायकों को मंत्री बनाए जाने की मांग- सूत्र
  • समर्थक मंत्रियों को वित्त, गृह मंत्रालय देने की मांग

राजस्थान में गहलोत सरकार को लेकर कांग्रेस पार्टी के अंदर दो दिग्गजों के बीच खींचतान जारी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 100 से अधिक विधायकों की परेड कराकर अपना शक्ति प्रदर्शन कर दिया है. हालांकि राजस्थान विधानसभा का गणित देखें तो साफ होगा कि गहलोत के पास भले ही आवश्यक विधायकों की संख्या हो, लेकिन वो सचिन पायलट की अनदेखी नहीं कर सकते हैं, क्योंकि 200 सदस्यों वाली विधानसभा में सरकार चलाने के लिए 101 विधायकों का समर्थन चाहिए.

अगर सचिन पायलट, अशोक गहलोत के साथ नहीं आते हैं तो राजस्थान सरकार को हमेशा खतरा बना रहेगा. वहीं सूत्रों का कहना है कि सचिन पायलट अपने समर्थक चार विधायकों को मंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे हैं. साथ ही सचिन पायलट की मांग है कि इन मंत्रियों को वित्त और गृह मंत्रालय दिया जाए. इसके अलावा वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद भी अपने पास रखना चाहते हैं.

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सचिन पायलट दावा कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास सिर्फ 84 विधायक हैं जबकि बाकी बचे विधायक उन्हें सपोर्ट कर रहे हैं. वह अपने कुछ समर्थक विधायकों के साथ मानेसर में एक होटल में बने हुए हैं. सचिन पायलट जिस तरीके से नाराजगी जाहिर कर रहे हैं उससे सवाल उठता कि क्या उन्होंने सिर्फ साथियों को मंत्री बनाने के लिए बगावत की थी.

हालांकि एक दूसरी कहानी भी है. कांग्रेस को राजस्थान में विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने में सचिन पायलट की बड़ी भूमिका रही है. लेकिन मुख्यमंत्री का ताज पहनने की बारी आई तो अशोक गहलोत का पलड़ा भारी पड़ गया. इससे सचिन पायलट नाराज हो गए. हालांकि पायलट को डिप्टी सीएम बनाया गया तब मामला शांत हुआ.

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मगर इसके बावजूद सचिन पायलट और अशोक गहलोत में अक्सर मतभेद की सुर्खियां देखने को मिलती रही हैं. कहते हैं कि पहले सचिन पायलट को कहा गया था कि 2019 तक कांग्रेस को राजस्थान में अशोक गहतोल के सियासी अनुभव की दरकार है. ये भी कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी. मगर ऐसी संभावना नहीं दिखी तो उनके बगावती सुर नजर आने लगे.

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इस बीच में, राजस्थान में सरकार गिराने की कथित कोशिश वाले मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के नोटिस से सचिन पायलट बुरी तरह नाराज हो गए और स्थिति ये हो गई कि अशोक गहलोत को सोमवार को दिन में समर्थक विधायकों की परेड करानी पड़ी. अंदरखाने का मामला जो भी हो, अब बगावत की असली वजह तो तभी पता चलेगी, जब सचिन पायलट खुद सामने आकर स्थिति साफ करेंगे वरना उनकी नाराजगी को लेकर तमाम कयास लगते ही रहेंगे.

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