भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) छोड़कर एनसीपी में शामिल होने वाले एकनाथ खडसे को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का नोटिस मिला है. ED पुणे MIDC भूमि घोटाला मामले में बुधवार को एनसीपी नेता से पूछताछ करेगी. ईडी का दावा है कि
एकनाथ खडसे ने अपने पद का दुरुपयोग किया. उन्होंने 2 लाख रुपये में जमीन ली और उसे 7 करोड़ रुपये में बेची. ईडी के मुताबिक, बाद में ये पैसा उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी फर्मों को ट्रांसफर किया गया.
ईडी के समन पर आजतक/इंडिया टुडे से बात करते हुए एकनाथ खडसे ने कहा कि मुझे ईडी से समन मिला है, जिसमें मुझे 30 दिसंबर को पेश होने को कहा गया है. मेरे परिवार ने पुणे के करीब भोसरी में जमीन खरीदा था. जिसे बाद में कहा गया कि यह एमआईडीसी की जमीन थी, लेकिन यह विवादित भूमि है.
उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी ने यह जमीन खरीदी थी और इस खरीद में मेरा कोई सीधा संबंध नहीं है. पहले इसी मामले की जांच पुणे एंटी करप्शन ब्यूरो और फिर नासिक एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने की थी, लेकिन उन्होंने एक क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी है. मामले में एक ब्रांच हाईकोर्ट में क्लोजर पेश करने की प्रक्रिया में है. साथ ही आयकर विभाग ने जानकारी मांगी थी जिसे हमने दे दिया था.
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बीजेपी पर जमकर बरसे थे खडसे
एनसीपी से जुड़ने के बाद एकनाथ खडसे बीजेपी पर जमकर बरसे थे. तब खडसे ने कहा था कि मुझे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की धमकी दी गई. उन्होंने कहा, 'मुझे बीजेपी में कठिनाइयों से गुजरना पड़ा. मैं कभी पीछे नहीं हटता. मुझ पर आरोप लगाने के लिए कुछ महिलाओं को साथ लिया गया.'
एकनाथ खडसे ने आरोप लगाते हुए कहा, 'मुझे बताया गया कि अगर मैं पार्टी बदलता हूं तो वे ईडी को मेरे पीछे लगा देंगे. मैंने कहा अगर आप ईडी को मेरे पीछे लगाते हैं, तो मैं आपकी सीडी चलाऊंगा. बीजेपी से नाराज एकनाथ खडसे ने आगे कहा कि 40 साल तक पार्टी की सेवा करने के बावजूद मुझे जो मिला वह एसीबी की पूछताछ और छेड़छाड़ का मामला रहा.