13 राज्यों के गवर्नर बदलकर क्या बदलने की कोशिश की गई है? : आज का दिन, 13 फरवरी
13 राज्यों के गवर्नर बदलकर क्या बदलने की कोशिश की गई है, जम्मू कश्मीर में नए सीट बंटवारे को लेकर क्या आपत्तियां हैं और भारत के एनएसए अजीत डोभाल का रूस दौरा क्यों अहम था? सुनिए 'आज का दिन' में.
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- 13 फरवरी 2023,
- (अपडेटेड 13 फरवरी 2023, 11:12 AM IST)
देश के तेरह राज्यों में राज्यपाल बदल दिए गए हैं. इस फैसले के केंद्र में रहे भगत सिंह कोश्यारी जो अब तक महाराष्ट्र के राज्यपाल थे. ये बताते वक्त ये भी बताना जरूरी है कि प्रकरण की शुरुआत क्या थी. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी. इन्होंने पिछले बरस शिवाजी को लेकर एक विवादित बयान दिया था. जिसके बाद बवाल खूब हुआ. बीजेपी महाराष्ट्र के नेता भी राज्यपाल के इस बयान की निंदा कर रहे थे. राज्यपाल कोश्यारी ने तभी गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख कर इस्तीफ़ा देने की इच्छा जताई थी. कल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ये इच्छा पूरी की. उनकी जगह रमेश बैस महाराष्ट्र के गवर्नर बनाए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश का गवर्नर बनाया गया है. पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवप्रताप शुक्ला हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का पद सम्भालेंगे. दिलचस्प ये है कि इसी साल 9 राज्यों में इसी बरस चुनाव होने हैं. इसलिए इन नई नियुक्तियों को राजनीतिक लिहाज से भी ज़रूरी कहा जा रहा है. केंद्र सरकार ने कोश्यारी को हटाना ही क्यों जरूरी समझा और क्या इसे चुनावों और राजनीति से भी रिलेट करके देखना चाहिए? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.
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आज सुप्रीम कोर्ट में एक मामले पर फैसला भी आना है. ये मामला है जम्मू कश्मीर में नए सीट बंटवारे और परिसीमन का. केंद्र सरकार ने परिसीमन का फैसला तो ले लिया, नया सीट बंटवारा भी पता चल गया. लेकिन आरोप ये लगे कि इस परिसीमन में कानून के तहत प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है. हालांकि केंद्र सरकार, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और चुनाव आयोग ने इस दलील को गलत बताया था. इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका आई और सुनवाई शुरू हुई थी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अभय एस ओक की पीठ ने 13 मई 2022 को इस मामले पर नोटिस जारी कर केंद्र से याचिका में उठाए गए मुद्दों और सवालों पर जवाब मांगा था. केंद्र के इस फैसले पर क्या आपत्तियां हैं और याचिकर्ता क्यों इसे गैर कानूनी बता रहे हैं? 'आज का दिन' में सुनने के लिए
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भारत के एनएसए अजीत डोभाल दो दिन के रूस दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से भी मुलाकात की. चीन सहित कई और देशों के एनएसए इस बैठक में शामिल थे. लेकिन पाकिस्तान जो एक लंबे समय से अफ़ग़ानिस्तान में ख़ुद को बड़ा स्टेकहोल्डर मानता है,वहाँ से कोई इस बैठक में नहीं था. कई रिपोर्ट्स में पाकिस्तानी विदेश विभाग के पूर्व डिप्लोमेट्स ने इस पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि एक समय था अफगानिस्तान में पाकिस्तान का एक ज़रूरी हस्तक्षेप था जो अब ख़तम हो रहा है, ये ग्लोबली मुल्क के लिए चिंता की बात है. अजीत डोभाल ने इस बैठक में भारत के अफ़ग़ानिस्तान में चल रहे प्रोजेक्ट्स, अफगानिस्तान के लोगों को दी जा रही मदद की जानकारी दी. किस तरह अफगानिस्तान में करेंट सिचुएशन को देखते हुए ये बैठक इंपोर्टेट है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए
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